रायपुर। छत्तीसगढ़ में एस आई आर मतदाता सूची में अनेक लोगों के बेवजह नाम काटे जाने पर आम आदमी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यशवंत कुमार से भेंट कर आपत्ति दर्ज कराई। आम आदमी पार्टी के प्रदेश महासचिव वदूद आलम ने बताया कि प्रदेश में लगभग सभी जिलों से मतदाताओं के बेवजह नाम काटा जा रहा है। प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गा झा ने कहा कि जिस प्रकार देश की सभी प्रमुख संस्थाओं को पिछले कुछ वर्षों में बदनाम कर दिया गया है। हम नही चाहते कि निर्वाचन आयोग भी उसी लाइन में नजर आए व जनता का विश्वास इस प्रमुख संस्था पर से उठे क्योंकि यही वो संस्था है जिसके कंधों पर इस देश की सरकार बनाने की जिम्मेदारी होती है और इतनी अहम जिम्मेदार संस्था पूरी पारदर्शिता के साथ अपने काम को अंजाम दे । प्रदेश सह संगठन मंत्री समीर खान ने कहा कि दावा आपत्ति के दौरान किसी भी व्यक्ति के आपत्ति पर उस व्यक्ति की भी पूरी जांच पड़ताल होनी चाहिए साथ ही उसकी आपत्ति सार्वजनिक होनी चाहिए। दुर्ग जिले में ऐसी एक घटना सामने आई है जिसमे एक व्यक्ति के नाम से आपत्ति की गई और फार्म में उस व्यक्ति का मोबाइल नम्बर भी डाला गया है। किंतु जब उस व्यक्ति से बात की गई तो उसने लिखित में दिया है कि मेरे द्वारा ऐसी कोई शिकायत नही की गई है। कोई भी किसी के नाम से फर्जी आपत्ति दर्ज करा रहा है व इस आपत्ति पर कार्यवाही करते हुए उस व्यक्ति की पड़ताल हो रही है। जिसने अपने फार्म के दौरान सम्पूर्ण दस्तावेज BLO के माध्यम से जमा कर दिया है । प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी ने बताया कि केवल बस्तर संभाग में ही 600 से अधिक गांव नक्सल प्रभावित थे जो वर्षों से बस्तर को छोड़कर तेलंगाना, आंध्र और महाराष्ट्र चले गए थे उनका एस आई आर कैसे पूरा होगा। यह बड़ा सवाल है। 19 लाख विस्थापित बताएं गए मतदाताओं में अधिकांश इसी तरह के हैं। राज्य में अन्य जगह भी यही स्थिति है, इसलिए आवश्यक था कि इस प्रक्रिया के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए था।

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