रायपुर। छत्तीसगढ़ के निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि (कंपनसेशन) में भारी बढ़ोतरी की मांग करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र सौंपा है। एसोसिएशन का कहना है कि पिछले 13 वर्षों से इस राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि स्कूलों के संचालन खर्च और शिक्षकों के वेतन में कई गुना इजाफा हो चुका है।
प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि प्राथमिक स्कूलों के लिए वर्तमान 7,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 18,000 रुपये किया जाना चाहिए। इसी तरह, माध्यमिक स्कूलों के लिए 11,500 रुपये को बढ़ाकर 22,000 रुपये और हाई/हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिए अधिकतम सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की मांग रखी गई है।
एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि 19 सितंबर 2025 को कोर्ट ने भी 6 माह के भीतर इस पर निर्णय लेने का आदेश दिया था। अपनी दलील को मजबूत करने के लिए संघ ने बताया कि 2012 में एक विधायक का वेतन 45,000 रुपये था, जो अब 2025-26 में बढ़कर 1.60 लाख रुपये हो गया है, लेकिन बच्चों की शिक्षा के लिए दी जाने वाली राशि जस की तस है।
शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र सौंपे जाने के बाद अब गेंद सरकार के पाले में है। यदि विभाग बजट सत्र या आगामी कैबिनेट बैठकों में इस पर मुहर लगाता है, तो राज्य के निजी स्कूलों को बड़ी वित्तीय राहत मिल सकती है।

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