जगदलपुर : प्रदेश में सरकारी शराब दुकानों में लोगों को सुविधाएं देने आबकारी विभाग लगातार दावे करते नजर आती है। कुछ एक शराब दुकानों को छोड़कर प्रदेश के सभी शराब दुकानों में लगातार शिकायतें मिलती है ताजा मामला जगदलपुर जिले के शराब दुकानों की है जहां गोवा ,जम्मू और अन्य चीपर ब्रांड पर बस्तर के सीधे साधे ग्राहकों से मनमानी वसूली की जा रही है । जिसकी शिकायत पहले भी की जाती रही है। लेकिन जिले के आबकारी अधिकारी गहरी नींद में सोए नजर आते है। कलेक्ट्रेट और जिला आबकारी के ऑफिस के चंद कदम दूर में ही दुकानों में चल रही इस प्रकार के ओवर रेटिंग पर आबकारी विभाग लगाम लगा नहीं पा रही है। ये बात समझ के परे है। आखिर जनता के टैक्स के पैसों से ऐसे सरकारी कर्मचारी अधिकारी वेतन ले रहे है। अपने एसी कमरों में बैठे है। लेकिन आबकारी उड़नदस्ता और पूरी विभाग के नाक के नीचे दुकानों में शराब पर ओवर रेटिंग की जा रही है जो कि समझ के परे है। खैर इससे पहले प्लेसमेंट कंपनी हटने के बाद फिर से अभी जो ऑल ग्लोबल प्राइवेट प्लेसमेंट कम्पनी को अभी शराब दुकान में प्लेसमेंट का कार्य कर रही है। नए प्लेसमेंट कंपनी के आने के बाद भी स्थित जा के तस बनी हुई है।
जब इस बात की पड़ताल हमारे मीडिया टीम ने की तब पता चला कि जगदलपुर के बस स्टैंड , केवरामुंडा ,गीदम रोड स्थित सरकारी शराब दुकानों में जम्मू और गोवा ब्रांड की शराब जो 120 रुपए में मिलती है उस पर 10 रूपए अधिक याने 130 रु में बिक्री किया जा रहा है । 200 रूपये की कीमत वाले बीयर बोतल को 30 रूपये अधिक याने 230 रुपए में बिक्री किया जा रहा है। इसके अलावा बीयर के ब्रांड उपलब्ध नहीं है। चुनिंदा ब्रांड ही बेचा जा रहा है। उस पर भी कुछ जान पहचान वालो को ही ब्रांड उपलब्ध कराया जा रहा है । लगातार शराब को अधिक दाम पर बेचा जा रहा है। जो काफी समय से चल रहा है। इसकी शिकायत भी लोग कर कर के परेशान है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी न तो ऑफिस में मिलते है । न ही फोन उठाते है। जबकि आबकारी आयुक्त आर. संगीता ने सख्त निर्देश दिए है। उसके बावजूद जगदलपुर में हालात सुधरे नहीं हैं । इसकी जांच करने वाले अधिकारी अपने दफ्तरों से गायब है और फोन तक उठाने की जहमत नहीं कर रहे है । अब बड़ा सवाल ये है कि बस्तर की जनता को शराब दुकान से ओवर रेटिंग से कब मुक्ति मिलेगी।
आपको बता दे जगदलपुर जिले की सभी शराब दुकानों में व्यवस्था चरमराई हुई है। दुकानों में न तो ग्राहकों को मनपसंद ब्रांड की शराब दी जाती है और ना ही सही दाम में दिया जाता है। इससे साफ जाहिर है शराब में कमीशन खोरी, ओवररेटिंग और मिलावट जैसे मामले थम नहीं रहे है। अगर किसी दुकान में ओवर रेट नहीं कर रहे तो वहां कोचिया सक्रिय है । इस तरह काली कमाई शराब दुकानों में की जा रही है । बीयर ठंडी देने आबकारी विभाग पूरी तरह से नाकाम है। प्रदेश के अधिकतर शराब दुकानों में फ्रिज बंद है खराब है कहकर ग्राहकों को गर्म बियर बेची जा रही है। ग्राहक भी गर्म बियर पीने मजबूर है । इसके लिए कई बार खबरें भी प्रकाशित की जा चुकी है। ओवर रेटिंग की शिकायत भी मीडिया के द्वारा और आम जनता करते आ रही है। लेकिन बस्तर में संचालित अधिकतर शराब दुकानों की हालत जस के तस है। इसके पीछे के वजह क्या है क्या अधिकारी भी इसमें संलिप्त है? क्या उच्च अधिकारी इस पर लगाम लगाने में नाकाम है ? क्योंकि जगदलपुर की शराब दुकानों की बात की जाए तो लंबे समय से वहां MRP से अधिक दाम के मामले तो सामने आते रहते है साथ ही कई जगहों में नकली और मिलावटी शराब की भी शिकायत दिखने को मिलती है। इसकी जांच कब होगी और दोषियों पर क्या कार्यवाही होगी ये देखने वाली बात होगी।


