अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने के संकेत से कच्चे तेल में गिरावट

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने के संकेत से कच्चे तेल में गिरावट

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत में तेजी के बाद कीमतें करीब 3 प्रतिशत तक गिर गईं। यह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते आई। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स दिन के उच्चतम स्तर 105.86 डॉलर प्रति बैरल से गिरकर इंट्राडे में 102.79 डॉलर तक आ गया। खबर लिखे जाने तक यह करीब 103.19 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। वहीं डब्ल्यूटीआई क्रूड भी अपने उच्च स्तर 103.31 डॉलर से गिरकर करीब 101.25 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया। सुबह के कारोबार में दोनों बेंचमार्क में मजबूती देखी गई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ बाजार में मुनाफावसूली और भू-राजनीतिक संकेतों के चलते गिरावट आ गई। विश्लेषकों के मुताबिक, बाजार की चाल पर वैश्विक घटनाक्रम का सीधा असर पड़ रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद बाजार का सेंटिमेंट बदला, जिसमें उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका आने वाले हफ्तों में इस तनाव से बाहर निकल सकता है। वहीं, ईरान की ओर से भी कुछ शर्तों के साथ तनाव कम करने की इच्छा जताई गई है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य में सप्लाई बाधित होने का खतरा अभी भी बना हुआ है, जहां से दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत कच्चा तेल गुजरता है। इसी कारण कीमतें अब भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। इस बीच, डॉलर में कमजोरी के चलते सोने-चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया, जबकि वैश्विक अनिश्चितता और अमेरिका-चीन से मिले मिश्रित आर्थिक संकेतों ने बाजार को अस्थिर बनाए रखा है। तेल की कीमतों में नरमी के संकेतों का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत होता नजर आया।

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