जिले में साधना सप्ताह की शुरुआत, आधुनिक कौशल से लैस होंगे जिले के कर्मयोगी

जिले में साधना सप्ताह की शुरुआत, आधुनिक कौशल से लैस होंगे जिले के कर्मयोगी

जगदलपुर । प्रशासनिक दक्षता और कार्यक्षमता को वैश्विक मानकों के अनुरूप ढालने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा कर्मयोगी भारत अभियान के अंतर्गत साधना सप्ताह का आयोजन शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा सभा कक्ष में आयोजित हो रहा यह सात दिवसीय कार्यक्रम स्ट्रेंथनिंग एडॉप्टिव डेवलपमेंट एंड ह्यूमन एप्टीट्यूड फॉर नेशनल एडवांसमेंट (साधना) की अवधारणा पर आधारित है, जिसका लक्ष्य सरकारी तंत्र में मानवीय दृष्टिकोण के साथ-साथ तकनीकी निपुणता का संचार करना है। आगामी 08 अप्रैल तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के समस्त 41 विभागों को एक साझा मंच पर लाया गया है, ताकि सुशासन की दिशा में एक एकीकृत प्रयास सुनिश्चित किया जा सके। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप इस आयोजन की रूपरेखा बेहद वैज्ञानिक तरीके से तैयार की गई है। कार्यक्रम के दौरान राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और लोक निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को दो पृथक सत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रातःकालीन सत्र 11 से 12 बजे तक और अपराह्न सत्र 03 से 04 बजे तक संचालित हो रहा है, जिसमें डिजिटल साक्षरता और भविष्य की तकनीकी जरूरतों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। प्रत्येक प्रतिभागी को इस सप्ताह के दौरान कम से कम चार घंटे का प्रशिक्षण लक्ष्य पूरा करना अनिवार्य होगा, जिसे आई गॉट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों और विशेषज्ञ वेबिनार के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है।

इस प्रशिक्षण अभियान का एक अभिनव पक्ष इसमें शामिल आधुनिक विषय और प्रोत्साहन मॉडल हैं। प्रतिभागी अधिकारी न केवल अपने कार्यक्षेत्र से संबंधित ज्ञानवर्धन कर रहे हैं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर्स, जलवायु परिवर्तन और ग्रामीण विकास जैसे समकालीन विषयों पर आयोजित वेबिनार के माध्यम से वैश्विक चुनौतियों से भी रूबरू हो रहे हैं। सीखने की इस प्रक्रिया को और अधिक रोचक बनाने के लिए कर्मयोगी उत्कर्ष और एआई दक्ष जैसे डिजिटल बैज और प्रमाण पत्रों की व्यवस्था की गई है, जो उन कर्मचारियों को प्रदान किए जाएंगे जो निर्धारित मानदंडों के अनुसार पाठ्यक्रम पूर्ण करेंगे। इसके अतिरिक्त बेहतर प्रदर्शन करने वाले विभागों और संस्थाओं को अंत में लीडरबोर्ड पर विशेष पहचान दी जाएगी, जिससे विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल निर्मित हो रहा है।

सप्ताह का समापन 08 अप्रैल को एक विशेष समारोह के साथ होगा, जिसमें पूरे सप्ताह की गतिविधियों का लेखा-जोखा और सफलता की कहानियाँ साझा की जाएंगी। अपर कलेक्टर ने अभियान की गंभीरता को रेखांकित करते हुए सभी विभाग प्रमुखों को समापन सत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं, ताकि इस प्रशिक्षण से प्राप्त अनुभवों को धरातल पर क्रियान्वित किया जा सके। जिला प्रशासन का यह कदम न केवल कर्मचारियों के व्यक्तिगत कौशल विकास में सहायक होगा, बल्कि इससे जिले की जनता को दी जाने वाली सेवाओं में भी पारदर्शिता और त्वरित गति आने की प्रबल संभावना है।

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