रायपुर। लंबित ई-चालान वाले वाहन मालिकों के लिए राहत की खबर है। ऐसे सभी मामलों का निराकरण मई में आयोजित होने वाली लोक अदालत में किया जाएगा। इसके लिए वाहन स्वामियों को 5 मई तक अपने नजदीकी यातायात थाने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। यातायात पुलिस के अनुसार, जिन ई-चालानों का भुगतान नहीं किया गया है और जो पहले ही न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें लोक अदालत में रखकर निपटाया जाएगा। खास बात यह है कि 31 दिसंबर 2025 तक के सभी लंबित ई-चालान इस प्रक्रिया में शामिल किए जाएंगे। पुलिस उपायुक्त यातायात विकास कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लोक अदालत के बाद भी यदि प्रकरण लंबित रहते हैं तो संबंधित वाहनों को जब्त कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।
रजिस्ट्रेशन जरूरी, तभी मिलेगा लाभ
लोक अदालत में मामला रखने के लिए पहले संबंधित यातायात थाने में रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। बिना रजिस्ट्रेशन के प्रकरण लोक अदालत में शामिल नहीं होगा। इसके लिए शहर के विभिन्न यातायात थानों—तेलीबांधा, भाठागांव, शारदा चौक, फाफाडीह, भनपुरी, टाटीबंध, पंडरी, पचपेड़ीनाका और यातायात मुख्यालय कालीबाड़ी—में सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
वाहन मालिकों को उनके मोबाइल नंबर पर कॉल और व्हाट्सएप के जरिए भी सूचना भेजी जाएगी।
अनदेखी पड़ी भारी पड़ सकती है
पुलिस ने चेतावनी दी है कि यदि वाहन स्वामी समय पर अपने ई-चालान का निराकरण नहीं कराते हैं तो उन्हें न्यायालयीन प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा। साथ ही वाहन से संबंधित सेवाएं भी बाधित हो सकती हैं।यातायात विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर अपने लंबित चालानों का निपटारा करा लें।

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