अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा, नारकोटिक दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर सील

अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का शिकंजा, नारकोटिक दवाएं बेचने वाले मेडिकल स्टोर सील

एमसीबी। जिले में नारकोटिक एवं प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री तथा बिना अनुमति संचालित क्लीनिकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार जनकपुर में मेडिकल नशे का फैल रहा जाल को गंभीरता एवं संवेदनशीलता से लेते हुए जिला प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया और व्यापक जांच अभियान शुरू किया।
कलेक्टर सुश्री संतन देवी जाँगड़े के निर्देश पर एसडीएम भरतपुर द्वारा विकासखंड भरतपुर अंतर्गत संचालित दवा दुकानों एवं संदिग्ध स्वास्थ्य संस्थानों के औचक निरीक्षण हेतु संयुक्त जांच दल का गठन किया गया। इसके बाद रामगढ़ एवं जनकपुर क्षेत्र में मेडिकल स्टोर्स, दवा दुकानों तथा संदिग्ध क्लीनिकों में सघन जांच अभियान चलाया गया। संयुक्त टीम ने निरीक्षण के दौरान नारकोटिक्स एवं प्रतिबंधित दवाओं के क्रय-विक्रय, स्टॉक पंजी, दवा अभिलेखों तथा वैधानिक दस्तावेजों की विस्तृत जांच की। प्रशासन ने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि कहीं भी बिना अनुमति प्रतिबंधित दवाओं का विक्रय या अवैध चिकित्सा गतिविधियां संचालित न हो रही हों। जांच के दौरान रामगढ़ स्थित मंजू मेडिकल स्टोर्स एवं उसके समीप अवैध रूप से संचालित क्लीनिक में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नर्सिंग होम एक्ट के तहत संबंधित क्लीनिक एवं दवा दुकान को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
पांच मेडिकल स्टोर्स को जारी हुआ कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान पांच अन्य औषधि दुकानों में भी विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें प्रदीप मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर आलिया मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर, केसरवानी मेडिकल एंड जनरल स्टोर्स, सिंह मेडिकल स्टोर्स, जनकपुरॉ न्यू गुप्ता मेडिकल स्टोर्स, जनकपुर शामिल हैं।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैधानिक अनुमति चिकित्सा गतिविधियों का संचालन, प्रतिबंधित दवाओं का अवैध विक्रय, नशीली दवाओं का दुरुपयोग अथवा औषधि संबंधी नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
संयुक्त जांच दल में शामिल रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस विशेष अभियान में एसडीएम भरतपुर, तहसीलदार भरतपुर , तहसीलदार कुवारपुर, बीएमओ, ड्रग्स इंस्पेक्टर भरतपुर सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं पुलिस बल शामिल रहे।
आमजन से सहयोग की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध चिकित्सा गतिविधि, बिना पंजीयन संचालित क्लीनिक, प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री या संदिग्ध मेडिकल गतिविधियों की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। यह कार्रवाई जिले में नशे के अवैध कारोबार एवं फर्जी चिकित्सा गतिविधियों पर नियंत्रण की दिशा में प्रशासन की गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाती है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में भी ऐसे निरीक्षण और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।

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