जंगलों-पहाड़ों के बीच पहुंचा प्रशासन : जन चौपाल में सुनी गई हर आवाज, कलेक्टर ने युवाओं संग खेला क्रिकेट, विकास को दी नई रफ्तार

जंगलों-पहाड़ों के बीच पहुंचा प्रशासन : जन चौपाल में सुनी गई हर आवाज, कलेक्टर ने युवाओं संग खेला क्रिकेट, विकास को दी नई रफ्तार

बीजापुर । बीजापुर के सुदूर और संवेदनशील ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की सक्रिय मौजूदगी एक बार फिर देखने को मिली, जब कलेक्टर विश्वदीप, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव और जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने ग्राम पंचायत सागमेटा, सण्ड्रा, एडापल्ली और पीलूर पहुंचकर जन चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। प्रशासनिक अधिकारियों के गांव पहुंचने से ग्रामीणों में उत्साह और भरोसे का माहौल दिखाई दिया।
जन चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने सड़क निर्माण, राशन वितरण में आ रही समस्याएं, पेयजल संकट, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, आवागमन की दिक्कत, शिक्षा और अन्य मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़े मुद्दे अधिकारियों के सामने रखे। ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कलेक्टर विश्वदीप ने मौके पर मौजूद विभागीय अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की प्राथमिकता अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को किसी भी सुविधा के लिए परेशान नहीं होना चाहिए।
कलेक्टर ने विशेष रूप से “बस्तर मुन्ने” कार्यक्रम के तहत शत-प्रतिशत सैचुरेशन सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र ग्रामीणों को सभी आवश्यक दस्तावेज सरलता और सुगमता से उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में चल रहे जनगणना कार्य की भी जानकारी ली। ग्रामीणों को जनगणना के महत्व, उसकी उपयोगिता और शासन की योजनाओं से उसके सीधे संबंध के बारे में विस्तारपूर्वक समझाया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करें, ताकि विकास योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए सुरक्षा व्यवस्था, सामाजिक सहभागिता और आपसी सहयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय से क्षेत्र में शांति, विश्वास और विकास का वातावरण मजबूत होगा। वहीं जिला पंचायत सीईओ नम्रता चौबे ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और गति बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
जन चौपाल के दौरान कई ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के सामने रखे। अधिकारियों ने भी गंभीरता से हर मुद्दे को सुना और कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय बाद प्रशासनिक अधिकारी स्वयं गांव पहुंचकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, जिससे लोगों में विश्वास और उम्मीद दोनों बढ़ी हैं।
इस दौरे का सबसे भावनात्मक और प्रेरणादायक दृश्य ग्राम सण्ड्रा में देखने को मिला, जब कलेक्टर विश्वदीप गांव के युवाओं के साथ क्रिकेट मैदान में उतरे। कलेक्टर ने युवाओं के साथ क्रिकेट खेलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें खेल, शिक्षा एवं सकारात्मक सोच के माध्यम से समाज और जिले के विकास में भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बीजापुर में सकारात्मक बदलाव और नई विकास यात्रा के सबसे बड़े भागीदार यहां के युवा ही होंगे।
कलेक्टर को अपने बीच सहज रूप में देखकर ग्रामीण और युवा बेहद उत्साहित नजर आए। ग्रामीणों ने प्रशासन की इस संवेदनशील पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब अधिकारी गांवों तक पहुंचकर सीधे संवाद करते हैं, तब लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से संभव हो पाता है और शासन के प्रति भरोसा भी मजबूत होता है।

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