ईब नदी में रेत माफिया की खबर गलत, ग्रामीण खुद बना रहे मेड़

जशपुरनगर। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर ‘‘ईब नदी में सोने की लूट खौफ के साये में शिकायत करने को भी कतरा रहे झोरा जनजाति के लोग, माफियाओं ने जेसीबी से रोका नदी का पानी झोरा  जनजाति को डराकर छीन लिया रोजगार के संबंध में खनिज विभाग द्वारा जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम धौरासांड तहसील फरसाबहार में ग्रामवासियों के समक्ष 20 मई 2026 को जांच किया गया। 
ग्राम वासियों ने बताया कि झोरा जनजाति के लोग पिछले 3-4 पीढ़ियों से आजीविका हेतु ईब नदी से रेत छानकर सोने के कण निकालने का काम कर रहे हैं। नदी में कहीं भी जेसीबी मशीन से पानी नहीं रोका जा रहा है। झोरा जनजाति के लोग हाथ से नदी में मेड़ बनाकर पानी रोककर रेत छानने का कार्य करते है। गांव में कही भी रेत माफिया या सोने के कण निकालने हेतु माफिया सक्रिय नहीं है। झोरा जनजाति के लोगों को किसी के द्वारा भी डराया या धमकाया नहीं गया है। जांच दौरान ईब नदी से सोने के कण निकालने का काम नहीं किया जा रहा है। मोके पर सरपंच को रेत या अन्य खनिज का उत्खन्न किए जाने पर खनिज विभाग को सूचित करने हेतु निर्देशित किया गया।        
प्रकाशित समाचार रेत खनन तक की अनुमति नहीं के संबंध में ग्राम बलुवाबहार ईब नदी में रकबा 2.000 हेक्टेयर रेत खदान ग्राम पंचायत को स्वीकृत होकर संचालित है।

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