अब रायगढ़ में ही होंगे फॉरेंसिक टेस्ट, पुलिस जांच को मिलेगी रफ्तार

अब रायगढ़ में ही होंगे फॉरेंसिक टेस्ट, पुलिस जांच को मिलेगी रफ्तार

रायगढ़ । रायगढ़ जिले में अपराधों से जुड़ी फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट अब जल्द मिल सकेगी। हाल ही में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (फॉरेंसिक लैब) का शुभारंभ किया गया है। इसका लाभ सिर्फ रायगढ़ ही नहीं, बल्कि सारंगढ़ और सक्ती जिले की पुलिस को भी मिलेगा। जल्द ही लैब में काम शुरू होने वाला है।
अब तक जिले में हत्या, दुष्कर्म, आत्महत्या और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक अधिकारी मौके पर पहुंचते थे। जांच के दौरान जब्त किए गए सामान को सील कर बिलासपुर स्थित प्रयोगशाला भेजा जाता था। वहां से रिपोर्ट आने में 15 से 20 दिन तक का समय लग जाता था।
लेकिन अब रायगढ़ में ही जांच की सुविधा उपलब्ध होने से रिपोर्ट जल्दी मिल सकेगी। क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला में रायगढ़, सक्ती और सारंगढ़ जिले के थानों से जब्त फॉरेंसिक सैंपल, स्लाइड और विसरा की जांच की जाएगी।
रायगढ़ में यह सुविधा शुरू होने से हत्या और अन्य गंभीर अपराधों की जांच में तेजी आएगी। लैब में ब्लड टेस्ट, दुष्कर्म मामलों में जब्त स्लाइड की जांच, एनडीपीएस मामलों में जब्त मादक पदार्थों की जांच, आत्महत्या से जुड़े मामलों में केमिकल टेस्ट और अल्कोहल जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रायगढ़ के राजापारा स्थित भवन में क्षेत्रीय फॉरेंसिक कार्यालय खोला गया है। यहां फॉरेंसिक विभाग के लिए 28 पद स्वीकृत किए गए हैं और जल्द ही स्टाफ की भर्ती की जाएगी। फिलहाल यहां एक वरिष्ठ वैज्ञानिक पदस्थ हैं। इसके अलावा संविदा और कलेक्टर दर पर 6 कर्मचारी कार्यरत हैं। बताया जा रहा है कि जून माह से लैब में काम शुरू हो जाएगा।
सीन ऑफ क्राइम यूनिट को आधुनिक मोबाइल यूनिट वाहन भी आवंटित किया गया है। बताया जा रहा है कि करीब 65 लाख रुपए की लागत वाले इस अत्याधुनिक वाहन में लैब से जुड़ी कई सुविधाएं मौजूद हैं। इससे कुछ मामलों में मौके पर ही प्रारंभिक जांच की जा सकेगी, जिससे जांच प्रक्रिया और तेज होगी।
सीन ऑफ क्राइम यूनिट के संयुक्त संचालक डॉ. पीएस भगत ने बताया कि नए कानूनों में फॉरेंसिक जांच को प्राथमिकता दी गई है। पहले जांच के लिए सैंपल बिलासपुर भेजे जाते थे, लेकिन अब रायगढ़ में ही जांच सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे रायगढ़, सारंगढ़ और सक्ती जिले को फायदा मिलेगा।
हालांकि बलात्कार, हत्या और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की जांच रिपोर्ट आने में अब भी 15 से 20 दिन लग सकते हैं। उन्होंने बताया कि मामलों की संख्या अधिक होने पर जांच क्रमवार की जाएगी।फिर भी अब यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होने से पुलिस और जांच एजेंसियों को काफी राहत मिलेगी।

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