दुर्ग। रसमड़ा रेलवे स्टेशन पर सोमवार की सुबह 11:55 बजे स्टेशन पर खड़ी कोयले से भरी एक मालगाड़ी के वैगन (डिब्बे) में अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। कोयले के ढेर से अचानक लपटें और काले धुएं का गुबार उठता देख स्टेशन परिसर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे अधिकारियों ने तुरंत इसकी सूचना नियंत्रण कक्ष और अग्निशमन विभाग को दी। आग की सूचना मिलते ही दुर्ग जिला अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा कार्यालय से दमकल वाहन और कुशल जवानों के दल को तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। मौके पर पहुंचने पर दमकल कर्मियों ने देखा कि एक पूरे डिब्बे में कोयला धधक रहा था और तेज हवा के कारण आग की लपटें बगल के अन्य डिब्बों की ओर बढऩे का प्रयास कर रही थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अग्निशमन दल ने तत्काल मोर्चा संभाला और पानी की तेज बौछारें मारकर आग की घेराबंदी शुरू की। अग्निशमन कर्मियों की कड़ी मशक्कत और सूझबूझ के बाद आग को पूरी तरह से नियंत्रित कर लिया गया जिससे करोड़ों रुपये की संपत्ति और एक बड़ा ग्रिड हादसा टल गया।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कोयले में आंतरिक घर्षण (सेल्फ-कंबशन) या अत्यधिक गर्मी के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि रेल प्रशासन ने मामले की आधिकारिक जांच शुरू कर दी है। इस पूरी घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह के निर्देशन में दल प्रभारी धन्नु यादव, संतोष, निखिल, रमेश, योगेश और हरीश ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया।

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