एविएशन विकास के नए युग की दिशा में सशक्त नेतृत्व—प्राक्कलन समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे दूरदर्शी सुझाव

एविएशन विकास के नए युग की दिशा में सशक्त नेतृत्व—प्राक्कलन समिति की बैठक में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रखे दूरदर्शी सुझाव

नई दिल्ली, मंगलवार।प्राकल्लन समिति की महत्वपूर्ण बैठक में वरिष्ठ सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के एविएशन सेक्टर की व्यापक और तेज़ विकास जरूरतों को बेहद प्रभावी तरीके से सामने रखा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की योजनाओं और कार्यों की समीक्षा के दौरान, उन्होंने राज्य में हवाई संपर्क, औद्योगिक विकास और ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को गति देने हेतु कई निर्णायक सुझाव रखे।

सांसद अग्रवाल ने रायपुर–नवा रायपुर–भिलाई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के भीतर एक बड़े ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आवश्यकता को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मंत्रालय से स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ अब एक नेशनल स्टील और पावर हब के रूप में तेजी से उभर रहा है, ऐसे में राज्य के दूसरे इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए अप्रूवल प्रक्रिया में जल्द-से-जल्द तेजी लाई जाएहालांकि बिलासपुर, रायगढ़, अंबिकापुर और जगदलपुर को UDAN से जोड़ना सकारात्मक कदम है, लेकिन उन्होंने कहा कि 2025-35 के संशोधित UDAN वर्ज़न में छत्तीसगढ़ को और भी अधिक कवरेज मिलना चाहिए।उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया कि अगले बिडिंग राउंड में जगदलपुर, अंबिकापुर, बिलासपुर और रायगढ़ के लिए नई रूट्स, बेहतर सुविधाएँ और उच्च गुणवत्ता वाली सर्विसेज़ अनिवार्य रूप से शामिल हों।मंत्रालय द्वारा 87 एयरपोर्ट्स को 100% ग्रीन एनर्जी में बदलने की उपलब्धि का स्वागत करते हुए, अग्रवाल ने रायपुर, बिलासपुर और जगदलपुर को भी जल्द से जल्द इस सूची में शामिल करने के लिए स्पष्ट और बाध्यकारी टाइमलाइन तय करने का अनुरोध किया।उन्होंने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट, रायपुर में एक डेडिकेटेड सोलर पावर प्लांट स्थापित करने का ठोस प्रस्ताव भी रखा।

उन्होंने रायपुर एयरपोर्ट में चल रहे रीकॉन्फ़िगरेशन कार्यों को तुरंत पूरा करने और इसे AAI के ATC टावर अपग्रेडेशन प्रोग्राम में प्राथमिकता के साथ शामिल करने की आवश्यकता बताई।”विकसित भारत 2047″ के मास्टर प्लान के संदर्भ में उन्होंने रायपुर में अगले 5–10 वर्षों में यात्री संख्या बढ़ने का आकलन और इसके अनुरूप कैपेसिटी विस्तार प्रोजेक्ट्स की विस्तृत जानकारी भी मांगी।साथ ही राजधानी क्षेत्र में एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण में PPP मॉडल में प्राइवेट सेक्टर की रुचि के बारे में भी सवाल उठाए।बैठक के दौरान मंत्रालय के अधिकारियों ने भारत में एयरपोर्ट्स के समग्र विकास के अपने मूल्यांकन के तहत अग्रवाल के सुझावों को गंभीरतापूर्वक नोट किया।

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