कांकेर। जिले के चारामा विकासखंड अंतर्गत ग्राम हाराडुला में महानदी पर बना पुल पिछले करीब एक वर्ष से क्षतिग्रस्त है। पुल की जर्जर स्थिति के बावजूद लोग अपनी जान जोखिम में डालकर रोजाना इससे आवागमन कर रहे हैं। लगातार हो रही बारिश और महानदी में बढ़ते जलस्तर के बीच पुल के और अधिक क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों के अनुसार पुल को सबसे अधिक नुकसान अवैध रेत खनन और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण हुआ। समय बीतने के साथ पुल का क्षतिग्रस्त हिस्सा लगातार धंसता जा रहा है, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पुल के दोनों ओर रेलिंग लगाकर चेतावनी बोर्ड स्थापित किए हैं और लोगों को पुल से आवागमन नहीं करने की सलाह दी है। इसके बावजूद कई लोग चेतावनी को नजरअंदाज कर मोटरसाइकिल और अन्य दोपहिया वाहनों से पुल पार कर रहे हैं।
यह लापरवाही किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकती है। यह पुल क्षेत्र के कई गांवों को जोडऩे वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इसके क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीणों, किसानों, विद्यार्थियों और रोजमर्रा के कामकाज के लिए आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वैकल्पिक मार्ग लंबा होने के कारण लोग मजबूरी में इसी पुल का उपयोग कर रहे हैं। बीते दिनों हुई लगातार बारिश से महानदी सहित क्षेत्र की सभी नदियां और नाले उफान पर हैं। तेज बहाव के कारण पुल पर दबाव लगातार बढ़ रहा है और कटाव भी तेज हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत या नए पुल के निर्माण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान पुल के ढहने का खतरा बढ़ सकता है।

Posted inChhattisgarh News
