रायपुर जिले के अभनपुर और नवापारा शराब दुकान में धड़ल्ले से कोचियों को शराब दी जा रही है , साथ ही देशी विदेशी शराब में जमकर ओवर रेटिंग भी की जा रही है। रायपुर के अभनपुर और नवापारा शराब दुकानों में शराब की कमीशनखोरी का खेल चल रहा है । जिसपर प्रशासन मौन है ।
रायपुर के अभनपुर शराब दुकान हमेशा से विवादों में रहा है । ताजा मामला के अनुसार अभी शराब दुकान में अवैध रूप से कोचियों को शराब बेचने और ओवर रेटिंग का मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार ग्राहकों द्वारा जब शोले मदिरा या अन्य मनपसंद मदिरा की मांग की जाती है तो स्टॉक में नहीं है का हवाला दे कर कोई दूसरी ब्रांड दी जाती है। जब की शोले और अन्य ब्रांड की शराब देशी विदेशी मदिरा मनपसंद में दिखा रहा होता है। और दुकान में उपलब्ध भी होते हुए भी ग्राहकों को नहीं दी जाती है। ऐसा बहुत से शराब दुकानों में काला कारोबार किया जा रहा है।
ये पूरा कोचिया और अवैध शराब का काला कारोबार राकेश ढीढी बाहर से संचालित कर रहा है । यही हाल नवापारा शराब दुकान का भी है इसका भी संचालन बाहर से राकेश ढीढी कर रहा है।

शराब दुकान में ब्लैक लिस्ट लोगो का अवैध कब्जा जिम्मेदार कौन?
सूत्रों के अनुसार राकेश ढीढी जो ब्लैक लिस्टेड कर्मचारी है उसके संरक्षण में कोचियों को शराब अभनपुर और नवापारा में दी जा रही है। इस प्रकार चल रहे कोचिया और अन्य अवैध गतिविधि के बारे में बार बार शिकायत भी की जाती रही है । लेकिन कोई अधिकारी इस पर कोई कार्यवाही नहीं करता है। जिससे यह सवाल उठता है कि शासन प्रशासन क्यों आंख मूंदे बैठी है। इसका सीधा अर्थ है । दुकान की अवैध कमाई का हिस्सा अधिकारियों को भी जा रहा है। तभी ये सारा काला कमाई का खेल धड़ल्ले से किया जा रहा । साथ ही साथ जब हमारे मीडिया चैनल के द्वारा नीलम स्वर्णकार मैडम जो अभनपुर दुकान की प्रभारी आबकारी अधिकारी है । उनसे इस मामले में सम्पर्क करने का प्रयास किया जाता है। तो वे न तो किसी का फोन उठाते है। और न ही कोई सख्त कार्यवाही करती है तो आखिर आम जनता कैसे करे । इससे साफ है उनके संरक्षण में ये कोचिया और ओवर रेटिंग का खेल किया जा रहा है। तभी मैडम न ही इस विषय पर बात करती है और फोन भी नहीं उठाती है।
दुकानों में लगे कैमरों से सुबह और शाम की फुटेज देखने से सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।
बता दे इस प्रकार रायपुर जिले के अधिकतर शराब दुकानों में अवैध रूप से बाहर से दुकानों का संचालन किया जा रहा । यदि कैमरों की जांच की जाए ओर सार्वजनिक किया जाए तो मामले की सच्चाई सामने आ जाएगी । किस प्रकार कोचिया और ओवर रेटिंग का काला कारोबार अधिकारी के संरक्षण में किया जा रहा है । बड़ा सवाल ये है कि आखिर राकेश ढीढी जो ब्लैक लिस्टेड है कैसे बाहर से दुकान संचालित कर पा रहा है। सूत्रों के अनुसार शराब के इस अवैध धंधे में सुपरवाइजर,अधिकारी और राकेश ढीढी की संलिप्तता है ।

