साइबर अपराधों से बचाव के लिए छात्राओं को किया जागरूक, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का दिया संदेश

साइबर अपराधों से बचाव के लिए छात्राओं को किया जागरूक, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का दिया संदेश


 माध्यमों के सुरक्षित उपयोग के उद्देश्य से साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में अर्चना धुरंधर एवं उनकी टीम उपस्थित रहीं। अतिथियों ने छात्राओं को साइबर अपराध के विभिन्न स्वरूपों, उनसे बचाव के उपायों तथा साइबर सुरक्षा के प्रति आवश्यक सावधानियों की जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सह-प्राचार्य डॉ. राजेश अग्रवाल, कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. अमित तेलंग एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. रात्रि लहरी, महाविद्यालय के प्राध्यापकगण डॉ. कविता सिलवाल, डॉ. वंदना अग्रवाल, डॉ. सिमरन आर वर्मा, डॉ. टीनू दुबे, डॉ. देवश्री वर्मा, डॉ. मान्य शर्मा, डॉ. अनुराधा गुप्ता एवं डॉ. रिंकू पांडे, अंशिका दुबे, राहुल, गोप एवं सरिता वर्मा उपस्थित थी। मुख्य अतिथि अर्चना धुरंधर ने कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इसके साथ ही साइबर अपराधों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध संदेशों और कॉल से सावधान रहने, ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी जानकारी तथा अन्य व्यक्तिगत जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल एवं संदेश, सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराध, फिशिंग, पहचान की चोरी, साइबर बुलिंग तथा डिजिटल धोखाधड़ी जैसे विषयों के संबंध में जानकारी दी गई। साथ ही छात्राओं को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की साइबर घटना होने पर घबराने के बजाय तत्काल संबंधित माध्यमों से शिकायत दर्ज कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। वक्ताओं ने विशेष रूप से छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक बनें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। महाविद्यालय के सह-प्राचार्य डॉ. राजेश अग्रवाल ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में साइबर जागरूकता प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही एवं सुरक्षित उपयोग ही डिजिटल सशक्तिकरण का आधार है। कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. अमित तेलंग ने भी साइबर सुरक्षा के तकनीकी पहलुओं पर जागरूकता की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। राष्ट्रीय सेवा योजना की प्रभारी डॉ. रात्रि लहरी ने छात्राओं से साइबर जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। छात्राओं ने साइबर अपराधों से जुड़े विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न भी रखे, जिनका अतिथियों द्वारा समाधान एवं मार्गदर्शन किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. दीपशिखा शर्मा द्वारा प्रभावी एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता को वर्तमान समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। कार्यक्रम ने छात्राओं में साइबर अपराधों के प्रति सजगता बढ़ाने तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।

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