धमतरी। एक पैथोलॉजी डॉक्टर के घर हुई फर्जी आईटी (इनकम टैक्स) रेड के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 5 लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना धमतरी शहर के रत्ना बांधा रोड पर स्थित पैथोलॉजिस्ट डॉ. दिलीप राठौर के निवास पर हुई थी। थाने में दर्ज FIR के अनुसार, घटना 17 नवंबर 2025 की सुबह 11:30 बजे हुई। उस समय 6-7 लोग दो गाड़ियों में आए और खुद को इनकम टैक्स विभाग के अधिकारी बताकर घर में घुस गए। उन्होंने सीधे किचन तक जाकर घर के स्टाफ के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और किसी को फोन करने या बाहर जाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने घर की तलाशी ली, परिवार के सदस्यों के मोबाइल फोन ले लिए और लगभग डेढ़ घंटे तक वहां रहे। करीब डेढ़ से दो घंटे तक चली इस कथित छापेमारी के दौरान घर के सदस्य दहशत में रहे. हालांकि संदिग्ध कोई भी सामान अपने साथ नहीं ले गए और कुछ देर बाद मौके से चले गए। घरवालों को जब उनकी गतिविधियों पर शक हुआ तो उन्होंने सवाल किए, लेकिन आरोपी बातों में उलझाकर वहां से निकल गए।
26 दिन बाद कराई FIR
घटना के लगभग 26 दिन बाद, पीड़ित डॉक्टर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। पुलिस ने आयकर विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों से भी संपर्क किया ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कहीं कोई आधिकारिक कार्रवाई तो नहीं हुई थी। जांच के दौरान स्पष्ट हुआ कि यह पूरी घटना फर्जीवाड़े से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, घटना के बाद लंबे समय तक पीड़ित परिवार की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। 15 दिसंबर को डॉ दिलीप राठौर ने थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दी। कोतवाली पुलिस ने 26 दिन बाद FIR दर्ज करते हुए छह से सात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की पांच अलग अलग धाराओं में मामला कायम किया।
कितना बड़ा है गिरोह का नेटवर्क..?
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने इस मामले में बालोद जिले से पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर घर में दबिश दी थी। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है, यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया गया है या नहीं। धमतरी पुलिस जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा करेगी।

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