बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पर्यटन के लिहाज से आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हो रही है। करीब 30 साल के लंबे इंतजार के बाद 1 नवंबर से इंद्रावती टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का आगाज किया जा रहा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर शुरू की गई इस सुविधा से पर्यटक अब बस्तर के समृद्ध वन्यजीवन और घने जंगलों की प्राकृतिक खूबसूरती का सीधा अनुभव कर सकेंगे।
पहले चरण में 9 किलोमीटर लंबे रूट पर 4 जिप्सी वाहनों का संचालन किया जाएगा। प्रति सफारी 2,000 शुल्क निर्धारित किया गया है। इस पर्यटन सुविधा की शुरुआत राज्य स्थापना दिवस के मौके पर की जा रही है। नक्सल प्रभावित और सुरक्षा चुनौतियों से जूझते रहे बीजापुर के लिए यह कदम बेहद खास है। जंगल सफारी शुरू होने से न केवल बीजापुर का नाम देश के पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और आर्थिक तरक्की के नए रास्ते भी खुलेंगे।
इंद्रावती टाइगर रिजर्व अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। लगभग तीन दशकों के लंबे इंतजार के बाद यहां फिर से जंगल सफारी की शुरुआत होना छत्तीसगढ़ के वन्यजीव पर्यटन के लिए एक मील का पत्थर और नई संजीवनी साबित होगा। विभागीय जानकारी के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक क्षेत्र को वामपंथी उग्रवाद से पूरी तरह मुक्त घोषित किया गया है। शांति और सुरक्षा की इस नई बयार ने बस्तर के इस दूरस्थ अंचल में विकास, स्थिरता और पर्यटन की अनंत संभावनाओं के द्वार खोल दिए हैं। सफारी शुरू होने से स्थानीय युवाओं को जिप्सी चालक, नेचर गाइड, होमस्टे संचालक और सुरक्षाकर्मियों के रूप में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

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