स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा डीडी नगर आयुष्मान आरोग्य मंदिर

स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा डीडी नगर आयुष्मान आरोग्य मंदिर

रायपुर। आयुष्मान आरोग्य मंदिर शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डी.डी. नगर रायपुर में छत्तीसगढ़ शासन की योजना के तहत अस्पताल का संचालन किया जा रहा है, लेकिन वर्तमान में यह अस्पताल गंभीर अव्यवस्थाओं का शिकार होता नजर आ रहा है। शुरुआत में यह स्वास्थ्य केंद्र सुचारु रूप से संचालित हो रहा था और स्टाफ की भी पर्याप्त उपलब्धता थी, लेकिन समय के साथ कर्मचारियों का अन्य स्थानों पर स्थानांतरण कर दिया गया, जबकि रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां नहीं की गईं।
कई सुविधाएं नदारद
लगभग पिछले एक वर्ष से स्टाफ की कमी और प्रशासनिक उदासीनता के चलते अस्पताल की व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। स्थिति यह है कि शुगर जांच के लिए मशीन तो मौजूद है, लेकिन स्ट्रिप्स की अनुपलब्धता के कारण जांच नहीं हो पा रही है। खून जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं, रायपुर के अन्य वार्डों में स्थित हमर अस्पताल राजा तालाब, सिटी अस्पताल गुड़ियारी, भाटागांव, रामनगर, मठपुरैना और खो-खो पारा जैसे स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाएं डी.डी. नगर अस्पताल में नदारद हैं। गौर करने वाली बात यह है कि मेकाहारा से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित हमर अस्पताल में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं, जबकि मेकाहारा से लगभग सात किलोमीटर दूर स्थित डी.डी. नगर जैसे बड़े वार्ड में सुविधाएं बेहद सीमित हैं। आवश्यकतानुसार स्टाफ की कमी के चलते अस्पताल संचालन में भारी दिक्कतें सामने आ रही हैं।
स्टाफ की कमी में अकेले डॉक्टर के भरोसे अस्पताल
वर्तमान में अस्पताल में केवल एक डॉक्टर, डॉ. प्रणव कुमार वर्मा, सांध्यकालीन अस्पताल में न सिर्फ चिकित्सकीय सेवाएं दे रहे हैं, बल्कि उन्हें कंपाउंडर, दवा वितरण और कभी-कभी पंजीयन का कार्य भी स्वयं करना पड़ता है। कई बार उन्हें अन्य सामान्य कार्य करते हुए भी देखा गया है। मरीजों की बढ़ती भीड़ के बीच इस तरह की व्यवस्था से दवा वितरण में चूक की आशंका बनी रहती है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। साथ ही, सभी कार्य एक ही डॉक्टर द्वारा किए जाने से मरीजों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार करना पड़ता है। राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं की यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई चिकित्सालयों में तय सेटअप से अधिक स्टाफ पदस्थ हैं, जबकि डी.डी. नगर जैसे क्षेत्रों में घोर कमी बनी हुई है। इसे लालफीताशाही, भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार से जोड़कर देखा जा रहा है। शासन की इस लापरवाही से डी.डी. नगर क्षेत्र में आमजन के बीच निराशा और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने शासन से मांग की है कि अस्पताल में तत्काल पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति कर आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं बहाल की जाएं, ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।

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