कवर्धा। ग्राम पंचायत ने बैगा आदिवासियों को मकान बनाकर देने के एवज में एक ठेकेदार और तकनीकी सहायक को 21 लाख रुपये निकालकर दे दिया, मगर रुपये लेने के बाद दोनों शख्स फरार हो गए। इस मामले में पंचायत की शिकायत पर पुलिस ने ठेकेदार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं तकनीकी सहायक अब भी फरार चल रहा है।
सरकारी योजना के तहत स्वीकृत हुए थे मकान
ग्राम पंचायत कुकरापानी के सचिव ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, कबीरधाम जिले से ट्रायबल एवं बैगा आवास योजना की राशि में ठेकेदार व तकनीकी सहायक ने मिलकर लाखों की गड़बड़ी की है। यह पूरा मामला तरेगांव जंगल थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुकरापानी से जुड़ा है। पंचायत सचिव सिद्धराम मसराम ने शिकायत दर्ज कराई कि 17 बैगा परिवारों के आवास निर्माण के लिए पंचायत के खाते में राज्य सरकार ने 21 लाख 50 हजार रुपये जमा कराया था। पंचायत के खाते से 28 नवंबर 2024 को पूरी राशि निकालकर तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी और ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को आवास निर्माण के लिए दी गई थी। लेकिन अब तक एक भी आवास का निर्माण शुरू नहीं हुआ है।
राशि का दूसरे कार्यों में किया उपयोग
शिकायत के बाद जांच में यह बात सामने आई कि राशि का उपयोग निर्माण सामग्री खरीदने के बजाय ठेकेदार व तकनीकी सहायक ने दूसरे कार्यों में उपयोग कर लिया गया। पुलिस ने ठेकेदार छोटूराम चंद्रवंशी को गिरफ्तार कर सामग्री की रसीदें और मोबाइल जब्त किया है। तकनीकी सहायक पवन चंद्रवंशी फरार है। मामले में बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत पुलिस ने अपराध दर्ज किया है।

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