5वीं-8वीं की होगी एकीकृत परीक्षा, हाईकोर्ट ने खारिज की प्राइवेट स्कूल संगठन की याचिका

5वीं-8वीं की होगी एकीकृत परीक्षा, हाईकोर्ट ने खारिज की प्राइवेट स्कूल संगठन की याचिका

रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका (WPC 5926/2025) को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही प्रदेश के लगभग 6200 सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 5वीं और 8वीं की एकीकृत/बोर्ड परीक्षा आयोजित करने का रास्ता साफ हो गया है। इन कक्षाओं में विद्यार्थियों को पास-फेल भी किया जाएगा।
मामला माननीय न्यायाधीश नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकलपीठ में सुना गया। याचिका में प्राइवेट स्कूल संगठन ने आरटीई 2009 की धारा 16 और 30 का हवाला देते हुए 5वीं एवं 8वीं में बोर्ड परीक्षा का विरोध किया था। हालांकि हस्तक्षेप याचिकाकर्ता समाजसेवी विकास तिवारी ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार द्वारा 16 दिसंबर 2024 को आरटीई अधिनियम में संशोधन किया जा चुका है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार सीबीएसई/आईसीएसई/राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त सरकारी एवं निजी स्कूलों में प्रत्येक शैक्षणिक वर्ष के अंत में कक्षा 5वीं और 8वीं की नियमित परीक्षा आयोजित की जाएगी तथा असफल होने पर विद्यार्थियों को रोका भी जा सकेगा। अदालत ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद निजी स्कूल संगठन की याचिका खारिज कर दी। इससे स्कूल शिक्षा विभाग को एकीकृत परीक्षा आयोजित करने का अधिकार मिल गया है।
निःशुल्क पुस्तकों और पाठ्यक्रम को लेकर आरोप
समाजसेवी विकास तिवारी ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई निजी स्कूल सीजी बोर्ड की मान्यता लेकर सीबीएसई पाठ्यक्रम पढ़ा रहे हैं और अभिभावकों से महंगी पुस्तकों के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। उनका दावा है कि सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक राज्य पाठ्यपुस्तक निगम की पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई जानी चाहिए, लेकिन कई निजी स्कूल इन्हें नहीं लेते और निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए छात्रों, यहां तक कि आरटीई के तहत अध्ययनरत बच्चों को भी बाध्य करते हैं।

विकास तिवारी ने बताया कि उन्होंने नया रायपुर थाना में स्कूल शिक्षा विभाग के कुछ अधिकारियों और 1784 निजी स्कूल संचालकों के विरुद्ध कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायत आवेदन भी दिया है। उन्होंने हाईकोर्ट के निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि इससे राज्य की शिक्षा व्यवस्था और गुणवत्ता में सुधार आएगा तथा विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यक्रम और निःशुल्क पुस्तकों का लाभ मिल सकेगा। हाईकोर्ट के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के सभी सीजी बोर्ड से मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में कक्षा 5वीं और 8वीं की एकीकृत परीक्षा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाएगी।

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