आग लगाकर फंदे बिछा रहे उड़ीसा के तीन शिकारी गिरफ्तार,14 दिन की न्यायिक हिरासत..

आग लगाकर फंदे बिछा रहे उड़ीसा के तीन शिकारी गिरफ्तार,14 दिन की न्यायिक हिरासत..

गरियाबंद। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन विभाग की सतर्कता से अवैध शिकार और आगजनी की बड़ी घटना टल गई। मुखबिर की सूचना पर की गई सघन गश्त के दौरान वन अमले ने जंगल में आग लगाकर फंदे बिछा रहे उड़ीसा के तीन युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
यह कार्रवाई उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व के अंतर्गत दक्षिण उदंती वन परिक्षेत्र के बंजारीबाहरा बीट, कक्ष क्रमांक 21 (कोर क्षेत्र) में की गई। उस समय दक्षिण उदंती, उत्तर उदंती, इंदागांव-धुरवागुड़ी (बफर) और तारेंगा (बफर) क्षेत्र का वन अमला अवैध शिकार और आगजनी रोकने के लिए संयुक्त गश्त पर था।
आग लगाकर शिकार की तैयारी..
वन अमले ने मौके पर तीन व्यक्तियों को जंगल में फंदे लगाते और अलग-अलग स्थानों पर आग लगाते पकड़ा। पकड़े गए आरोपी उड़ीसा राज्य के नुआपाड़ा जिले के निवासी हैं-
जयलाल (35 वर्ष), ग्राम खाडुपानी, थाना बोड़ेन
पनसिंग (22 वर्ष), ग्राम चीतरआमा
रायसिंग (20 वर्ष), ग्राम चीतरआमा, थाना सीनापाली
जानवरों को फंसाने के फंदे मिले
तलाशी के दौरान उनके पास से 5 खरगोश के फंदे, 2 जंगली सुअर के फंदे, 1 कुल्हाड़ी और 2 माचिस की डिब्बियां बरामद की गईं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने फंदे लगाए और माचिस से जंगल के कई हिस्सों में आग लगाई, ताकि वन्यप्राणी आग से बचने के लिए भागें और फंदों में फंस जाएं। 28 फरवरी की सुबह करीब 5 बजे वे फंदों की जांच करने पहुंचे थे, तभी वन अमले ने उन्हें पकड़ लिया।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई..
आरोपियों के खिलाफ वन अपराध प्रकरण क्रमांक 44/21 दिनांक 28.02.2026 दर्ज किया गया है। सहायक परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को 28 फरवरी 2026 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट गरियाबंद के समक्ष प्रस्तुत किया गया। न्यायालय के आदेश पर तीनों को 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेज दिया गया है। यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में अरुण पाण्डेय (पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ, रायपुर), सतोविशा समाजदार (सीसीएफ वाइल्ड लाइफ, रायपुर) तथा वरुण जैन (उपनिदेशक, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व) का मार्गदर्शन रहा।

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