अवैध प्लाटिंग पर चला निगम का बुलडोजर, 12 अवैध निर्माणों को किया गया जमींदोज

अवैध प्लाटिंग पर चला निगम का बुलडोजर, 12 अवैध निर्माणों को किया गया जमींदोज

रायपुर। नगर पालिक निगम रायपुर ने भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जोन 8 के अंतर्गत जरवाय क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग पर बड़ी कार्रवाई की है। निगम की टीम ने लगभग 1 एकड़ निजी भूमि पर अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनी के मुरूम मार्ग को जेसीबी से काटकर और वहां किए गए अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है।
रायपुर के बाहरी इलाकों में अवैध प्लाटिंग की समस्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे आम लोग अपनी मेहनत की कमाई फंसा देते हैं। निगम की इस कार्रवाई से अवैध प्लॉट बेचने वालों में हड़कंप है और यह खरीदारों के लिए भी चेतावनी है कि वे बिना रेरा (RERA) और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अनुमति वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं।
आयुक्त के निर्देश पर हुई अचानक कार्रवाई
नगर निगम आयुक्त विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 8 की कमिश्नर राजेश्वरी पटेल के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। वीर सावरकर नगर वार्ड क्रमांक 1 के जरवाय क्षेत्र में अज्ञात भू-स्वामियों द्वारा बिना किसी अनुमति के खेतों में सड़कें बनाई जा रही थीं और प्लॉट काटकर बेचे जा रहे थे।
कार्रवाई के दौरान निगम अमले ने 12 प्लीन्थ लेवल (नींव के स्तर) तक किए गए अवैध निर्माणों को तोड़ दिया। इसके अलावा, अज्ञात अवैध प्लाटिंगकर्त्ताओं द्वारा बिछाई गई अवैध मुरूम रोड को भी जेसीबी की सहायता से जगह-जगह से काट दिया गया ताकि वहां आवाजाही और निर्माण कार्य पूरी तरह रुक सके।
मौके पर तैनात रहा निगम का भारी अमला
इस पूरी कार्रवाई के दौरान नगर निगम जोन 8 के उपअभियंता अबरार खान सहित नगर निवेश विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। निगम प्रशासन ने साफ कर दिया है कि भविष्य में भी ऐसी अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखी जाएगी और निर्माण करने वालों के खिलाफ एफआईआर (FIR) तक की कार्रवाई की जा सकती है।
निगम की कार्रवाई के आंकड़े
प्रभावित क्षेत्र: जरवाय, वार्ड क्रमांक 1 (वीर सावरकर नगर)।
कुल भूमि: लगभग 1 एकड़ निजी भूमि।
ध्वस्त निर्माण: 12 प्लीन्थ लेवल तक के ढांचे।
प्रमुख कार्रवाई: अवैध मुरूम रोड को जेसीबी से काटकर मार्ग बाधित किया गया।
अधिकारी: जोन कमिश्नर राजेश्वरी पटेल एवं उपअभियंता अबरार खान।
नगर निगम अब इन जमीनों के खसरा नंबरों की जांच कर भू-स्वामियों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है। साथ ही, जिला प्रशासन को पत्र लिखकर संबंधित खसरा नंबरों की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की सिफारिश भी की जा सकती है।

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