नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध के असर से बचाव के लिये केन्द्र सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिये आज से देश में आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। केंद्र सरकार की ओर जारी गजट में कहा LPG भारत में घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक जरूरी ईंधन है, इसलिए इसकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अन्य देशों पर पड़ता हुआ दिखाई दे रहा है तेल।दुनियाभर में गैस, पेट्रोल और डीजल की कमी देखी जा रही है। देशों के ईंधन भंडारों में कमी आई है। इस बीच भारत में भी गैस को लेकर किल्लत देखी जा रही है। इसलिए भारत सरकार ने किसी भी तरह की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए आज से ही Essential Commodities Act, 1955 यानी आवश्यक सेवा रखरखाव अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इसके साथ ही आदेश दिया गया है कि रिफाइनरियां और पेट्रोकेमिकल प्लांट गैसों का इस्तेमाल अब पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट या दूसरे औद्योगिक कामों के लिए नहीं कर सकेंगे और इसे सीधे एलपीजी पूल में भेजेंगे आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (Essential Commodities Act, 1955) जरूरी वस्तुओं के उत्पादन, आपूर्ति और वितरण को नियंत्रित करता है। इस कानून के जरिए जमाखोरी और कालाबाजारी को रोककर कीमतों को काबू में रखा जाता है। इसके तहत सरकार स्टॉक सीमा तय कर सकती है। आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत उल्लंघन करने पर अपराधी को 3 महीने से लेकर 7 साल तक की कैद, जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं। यह कानून जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त सजा का प्रावधान करता है, जिसमें खाद्य पदार्थों से जुड़े अपराधों में कम से कम 3 महीने की अनिवार्य सजा हो सकती है। केंद्र सरकार की ओर जारी गजट में कहा एलपीजी भारत में घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक जरूरी ईंधन है, इसलिए इसकी लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।

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