लापरवाही और नियम उल्लंघन पर संबंधित बस ऑपरेटरों के विरुद्ध होगी कार्रवाई : कलेक्टर व्यास

लापरवाही और नियम उल्लंघन पर संबंधित बस ऑपरेटरों के विरुद्ध होगी कार्रवाई : कलेक्टर व्यास

जशपुरनगर। कलेक्टर रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले में संचालित समस्त निजी बस ऑपरेटरों की बैठक लेकर बस संचालन व्यवस्था की समीक्षा की बैठक के दौरान उन्होंने यात्रियों की सुरक्षा, समयबद्ध संचालन, निर्धारित किराया का पालन करने, वाहनों की फिटनेस, जरूरी सुरक्षा उपकरण, प्राथमिक चिकित्सा किट, ओवरलोडिंग सहित अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा की और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित बस ऑपरेटरों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर व्यास द्वारा बस ऑपरेटरों को बस स्टैण्ड जशपुर में सममसीमा का ध्यान रखकर बस संचालन करने, बस स्टैण्ड में यातायात व्यवस्था बाधित न हो इसलिए बस को अनावश्यक रूप से बस स्टैण्ड में खड़े न रखते हुए व्यवस्थित रखने, बस स्टैण्ड से बस निकलते समय अनावश्यक रूप से सवारी लेने के नाम पर बाहर रास्ते में वाहन खड़ी न करने,  सवारी लेते समय बीच सड़क में बस खड़ी न करने, बस में क्षमता से अधिक सवारी न चढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही बस संचालकों को अपने सभी बसों का नियमित रूप से फिटनेस चेक कराने, बस की बीमा वैधता का ध्यान में रखने,  महिला-पुरुष एवं बच्चों के बस में बैठने का विशेष व्यवस्था करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने बस चालकों के मेडिकल परीक्षण नियमित रूप से कराने, सभी बसों का परमिट, बीमा और फिटनेस प्रमाण-पत्र अपडेट रखने,  प्रशासन द्वारा निर्धारित दरों से अधिक किराया यात्रियों से वसूली न करने, ओवरलोडिंग और क्षमता से अधिक यात्री न बैठाने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर व्यास ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बस के भीतर हेल्पलाइन नंबर और शिकायत नंबर अनिवार्य रूप से लिखे, ताकि जरूरत के समय यात्रियों को जरूरी मदद मिल सके। साथ ही उन्होंने कहा कि ड्राइवर और परिचालकों का व्यवहार यात्रियों के प्रति विनम्र होना चाहिए जिससे यात्री निश्चिंत होकर यात्रा कर सके। उन्होंने बस चालकों को वाहन चलाते समय मादक पदार्थ का सेवन न करने एवं मोबाइल का उपयोग से बचने को कहा गया। इसके अलावा सुरक्षा की दृष्टिकोण से  बस संचालकों के द्वारा अपने बस चालकों एवं अन्य कर्मचारियों का पुलिस चरित्र सत्यापन अनिवार्य रूप से कराने तथा इसकी सूचना यातायात शाखा में देने को कहा गया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बस चालकों के पास वैध लाइसेंस होने पर ही बस का परिचालन करने  की अनुमति होगी। इसके अलावा प्रत्येक बसों में मिनी फायर एक्सटिंग्विगर और फर्स्ट ऐड किट अनिवार्य रूप से होना चाहिए़ ताकि आपात स्थिति में काम आ सके।
ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में प्रशिक्षित चालकों से ही बस संचालन कराएंः वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  : 
बैठक के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने बस ऑपरेटरों से कहा कि जशपुर जिले की भौगोलिक स्थिति पहाड़ों एवं पठारी क्षेत्रों से घिरी हुई है, जहां औसतन प्रत्येक 4 किलोमीटर पर ब्लैक स्पॉट पाए जाते हैं। ऐसी परिस्थितियों में विशेष रूप से ग्रामीण और पहाड़ी मार्गों पर बस संचालन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतना आवश्यक है। उन्होंने बस ऑपरेटरों से अपेक्षा की कि वे अपने चालकों को इन मार्गों की चुनौतियों के प्रति जागरूक करें।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में केवल प्रशिक्षित और अनुभवी चालकों को ही बस संचालन की जिम्मेदारी दी जाए। साथ ही बस संचालन का प्रबंधन इस प्रकार सुनिश्चित किया जाए कि सभी चालक एवं कर्मचारी पर्याप्त विश्राम प्राप्त कर सकें, जिससे थकान के कारण होने वाली दुर्घटनाओं की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने बैठक में मौजूद पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बस चालकों की नियमित जांच की जाए तथा शराब सेवन कर वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर जिला परिवहन अधिकारी विजय निकुंज, जिला बस मालिक संघ के अध्यक्ष  केदार मिश्रा सहित अन्य अधिकारीगण एवं बस ऑपरेटर्स उपस्थित रहे।

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