रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के पार बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। खास बात यह है कि जहां पूरे प्रदेश में लू का असर देखने को मिल रहा है, वहीं बस्तर संभाग के कुछ क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत राहत भरा बना हुआ है।
राजधानी रायपुर में लगातार दूसरे दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 27 अप्रैल को तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो इस सीजन के सबसे गर्म दिनों में से एक हो सकता है। न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है, जिससे रात में भी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
गर्मी का आलम ऐसा है कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। लोग केवल जरूरी काम से ही बाहर निकल रहे हैं, वह भी सिर को कपड़े या छतरी से ढककर। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ में कमी साफ देखी जा रही है।
प्रदेश के अन्य जिलों का हाल
छत्तीसगढ़ के कई जिलों में तापमान खतरनाक स्तर तक पहुंच चुका है।
बिलासपुर में सबसे अधिक 44.4°C तापमान दर्ज किया गया
दुर्ग में 43.9°C
अंबिकापुर में 41.5°C
जगदलपुर में अपेक्षाकृत कम 38.1°C
यह अंतर साफ बताता है कि दक्षिणी क्षेत्र, खासकर बस्तर, अभी भीषण गर्मी से कुछ हद तक बचा हुआ है।
राजनांदगांव सबसे गर्म, लेकिन डेटा गायब
राजनांदगांव इस साल राज्य का सबसे गर्म जिला बनकर उभरा है। यहां हाल ही में तापमान 45.5°C तक पहुंच चुका है। हालांकि हैरानी की बात यह रही कि एक दिन का तापमान डेटा मौसम विभाग द्वारा जारी नहीं किया गया, जिससे लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है।

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