135 केंद्रों की औचक जांच, अमानक खाद जब्त और 7 विक्रेताओं को नोटिस

दुर्ग । खरीफ सीजन 2026 को ध्यान में रखते हुए किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता द्वारा विभिन्न विक्रय केन्द्रों का सघन औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन कर व्यवसाय करने वाले विक्रय केंद्रों पर कारण बताओ नोटिस जारी कर जब्ती की कार्यवाही की गई है। 
उप संचालक कृषि से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में अब तक 135 निजी एवं सहकारी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान स्टॉक संधारण में गड़बड़ी, उर्वरक (नियंत्रण) 1985 के नियमों का उल्लंघन कर विक्रय किये जाने पर 07 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, एवं 03 विक्रय केंद्र फालेन्द्र कृषि केन्द्र सेलूद में 18.5 लीटर, शीतल कृषि केन्द्र रानीतराई 19 लीटर, देवेश साहू कृषि केन्द्र धमधा में 5 लीटर बायो स्टीम्यूलेंट, उर्वरक अनुज्ञप्ति में अतिरिक्त स्त्रोत समावेश किये बिना विक्रय करते पाये जाने एवं मेसर्स ऋषभराज फर्टिलाईजर में 139 बोरी यूरिया, 144 बोरी एनपीके 11ः30ः14 बोरी व मेसर्स विद्या कृषि केन्द्र बोरी में यूरिया 504 बोरी, एस.एस.पी 470 बोरी, पोटाश 44 बोरी. ऑर्गेनिक मैन्योर 311 बोरी, बायो स्टीम्यूलेंट 1.8 किलोग्राम तथा मेसर्स कृषि सेवा केन्द्र, पाटन में यूरिया 224 बोरी, एनपीके 20ः20ः0ः13 45 बोरी अधिक मूल्य पर विक्रय की अनियमितता पाये जाने के पर उल्लेखित उर्वरकों को जब्ती कलेक्टर न्यायालय में प्रकरण भेजा गया है। 
वहीं 05 विक्रय केंद्रों से उर्वरक नमूना विश्लेषण हेतु भेजने पर परिणाम अमानक स्तर का पाया गया है उक्त अमानक उर्वरकों को जिले में विक्रय प्रतिबंधित कर पांचो विक्रेताओ को कारण बताओं नोटिस उर्वरक का विक्रय किये जाने के कारण विक्रय प्रतिबंद कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कृषि विभाग द्वारा बताया गया कि किसानों को खाद-बीज की किल्लत पैदा करने वाले. कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के तहत कड़ी कार्यवाही की जायेगी। यदि भविष्य में कोई भी विक्रेता नियमों का उल्लंघन करते पाया जाता है. तो उसका लाइसेंस निलंबित / निरस्त करने के साथ-साथ वैधानीक कार्यवाही की जाएगी। साथ ही सभी उर्वरक विक्रेताओं एवं समितियों को निर्देशित किया है कि किसानों को निर्धारित दर पर ही उर्वरक उपलब्ध कराएं तथा अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। निर्धारित दर से अधिक दाम पर विक्रय किए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। किसान भाई किसी भी प्रकार की उर्वरक वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।

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