गौरेला के जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक: 500 सागौन की बल्लियां जब्त, लकड़ी तस्करों में हड़कंप

गौरेला के जंगलों में वन विभाग की सर्जिकल स्ट्राइक: 500 सागौन की बल्लियां जब्त, लकड़ी तस्करों में हड़कंप

गौरेला। गौरेला वन परिक्षेत्र के पण्डरीपानी परिसर में वन विभाग के संयुक्त दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से काटी गई सागौन की लगभग 500 बल्लियां बरामद की हैं। विभाग ने 5 घन मीटर से अधिक की इस बेशकीमती लकड़ी को जब्त कर सुरक्षित रूप से मड़ना सरकारी काष्ठागार (डिपो) में स्थानांतरित कर दिया है।
मरवाही वनमंडल के अंतर्गत आने वाले यह क्षेत्र जैव विविधता के लिए अत्यंत संवेदनशील हैं। लगातार हो रही अवैध कटाई से न केवल राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र पर भी दबाव बढ़ रहा है। वन विभाग की इस सख्ती से लकड़ी तस्करों और वन भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के हौसले पस्त होंगे।
विभाग की घेराबंदी: 103 हेक्टेयर में फैला है प्रभावित क्षेत्र
सामाजिक वानिकी परियोजना के तहत 103 हेक्टेयर में फैला पण्डरीपानी परिसर वर्तमान में लकड़ी तस्करों के निशाने पर है। यह क्षेत्र कोरजा, गांगपुर, डाहीबहरा और पण्डरीपानी जैसी चार ग्राम पंचायतों से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहां अत्यधिक जैविक दबाव रहता है। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा व्यक्तिगत उपयोग और व्यापारिक मंशा से सागौन का अवैध दोहन किया जा रहा था।
वनमण्डलाधिकारी मरवाही और उप वनमण्डलाधिकारी गौरेला के नेतृत्व में गठित उड़नदस्ता दल लगातार क्षेत्र का सघन सर्वेक्षण कर रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल लकड़ी जब्ती तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कटाई के मूल स्रोतों और इसमें संलिप्त संदिग्धों की पहचान कर उन पर कानूनी शिकंजा कसा जाएगा।
जब्ती: लगभग 500 सागौन की बल्लियां (5 घन मीटर से अधिक)।
लोकेशन: पण्डरीपानी परिसर (सामाजिक वानिकी परियोजना 2009-10)।
प्रशासनिक नेतृत्व: वनमण्डलाधिकारी मरवाही और उड़नदस्ता दल।
जब्त लकड़ी का स्थान: मड़ना सरकारी काष्ठागार (डिपो)। वन विभाग ने संकेत दिए हैं कि सर्वेक्षण पूरा होते ही दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, वन भूमि पर किए गए पुराने अतिक्रमणों को चिह्नित कर उन्हें हटाने का विशेष अभियान भी तेज कर दिया गया है।

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