नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है, जबकि LPG का 45 दिन का स्टॉक है। लोगों को घबराने या पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है।
सरकार ने अपील कर कहा कि पेट्रोल और डीजल को कम खर्चें। पीएम मोदी भी लगातार दो दिन (10 और 11 मई) से लोगों से ईंधन और संसाधनों का कम इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं।
सरकार का कहना है कि बढ़ती वैश्विक कीमतों के बावजूद तेल कंपनियां रोज करीब ₹1000 करोड़ का नुकसान झेल रही हैं, ताकि आम लोगों पर बोझ न पड़े। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को मंत्री समूह की पांचवीं बैठक में पश्चिम एशिया संकट और देशों की आर्थिक सुरक्षा की समीक्षा की।
मंत्री समूह की बैठक में राजनाथ सिंह ने निर्देश दिए कि हर स्तर के सभी विभाग और अलग-अलग राज्यों की सरकारें मिलकर काम करें ताकि ईंधन बचाने की योजनाएं कागजों पर न रहें, बल्कि जमीन पर लागू हों। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कई देशों से खरीदारी की कोशिश कर रहा है।
बैठक में पेट्रोलियम, रेलवे, सिविल एविएशन, उर्वरक, पोर्ट और साइंस से जुड़े मंत्री शामिल हुए रहे। इसमें बताया भारत के पास 60 दिन का कच्चा तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है, जबकि LPG का 45 दिन का स्टॉक है। लोगों को घबराने या पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, देश की विदेशी मुद्रा भंडार स्थिति भी मजबूत है और यह $703 अरब पर है।

Posted inNational News
