नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मार्शल आइलैंड्स के ध्वज वाला एलपीजी मालवाहक जहाज ‘सिमी’ रविवार सुबह सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला स्थित दीनदयाल बंदरगाह पहुंच गया। जहाज करीब 20 हजार टन रसोई गैस लेकर भारत आया है।
बताया जा रहा है कि जहाज 13 मई को दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में शामिल ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से होकर गुजरा था। पिछले 75 दिनों से पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण यह इलाका बेहद असुरक्षित माना जा रहा है। ऐसे हालात में जहाज का सुरक्षित भारत पहुंचना बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने यह एलपीजी कतर के रास लफ्फान टर्मिनल से खरीदी थी। जहाज पर सवार सभी 21 विदेशी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं। ओमान की खाड़ी में ईरानी नौसेना की निगरानी और अमेरिकी नाकेबंदी के बीच जहाज को सुरक्षित निकालना बेहद चुनौतीपूर्ण था।
सूत्रों के अनुसार दुश्मन की निगरानी से बचने के लिए जहाज ने युद्ध क्षेत्र पार करते समय अपना ‘ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम’ अस्थायी रूप से बंद कर दिया था। इसी रणनीति की मदद से जहाज बिना रडार की नजर में आए सुरक्षित आगे बढ़ सका।
इस पूरे अभियान में भारत सरकार के कई मंत्रालयों ने मिलकर काम किया। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच लगातार समन्वय बना रहा, जिससे जहाज को सुरक्षित रास्ता मिल सका। मार्च से अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर भारत पहुंचने वाला यह 13वां जहाज बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक वियतनाम के ध्वज वाला एक और टैंकर ‘एनवी सनशाइन’ भी भारत की ओर बढ़ रहा है, जो न्यू मैंगलोर बंदरगाह पहुंचेगा।
रसोई गैस की यह खेप ऐसे समय पहुंची है जब युद्ध के कारण भारत के ईंधन भंडार पर दबाव बढ़ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक देश का कच्चा तेल भंडार 10.7 करोड़ बैरल से घटकर 9.1 करोड़ बैरल रह गया है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में नागरिकों से ईंधन की बचत और संयमित उपयोग की अपील की थी।

Posted inNational News
