रायपुर। छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के चेयरमैन राजीव गुप्ता ने स्कूल शिक्षा सचिव को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से प्रकाशित SCERT की किताबें समय पर उपलब्ध कराने की मांग की है।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में लिखा है, सभी स्कूलें 16 जून से ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद दोबारा खुलेंगी, लिहाजा तय समय पर किताबें उपलब्ध होने से अध्ययन अध्यापन भी सुनिश्चित कराने में सहुलियत होगी।
एसोसिएशन का कहना है, पाठ्य पुस्तक निगम ने दोहरा रवैया अपनाते हुए सरकारी स्कूलों की सप्लाई तो शुरु करती है लेकिन निजी स्कूलों के बारे में अभी तक कोई शेड्यूल जारी नहीं किया है। स्कूल शिक्षा विभाग निजी स्कूलों से सौतेला व्यवहार कर रहा है, यह इस बात से भी साबित होता है कि सरकारी स्कूलों को संकुल स्तर पर किताबें उपलब्ध कराई जा रही हैं जबकि निजी स्कूलों को पाठ्यपुस्तक निगम के डिपो से किताबें लेनी पड़ेगी। ऐसी स्थिति में प्राइवेट स्कूलों को 150 से 200 किलोमीटर की दूरी तय कर किताबें लेने जाना पड़ेगा।
मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन का आदेश 24 अप्रैल 26 में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल से मान्यता प्राप्त (स्टेट बोर्ड) निजी स्कूलों में एस.सी.ई.आर.टी की छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम से प्रकाशित किताबें अनिवार्य रूप से लागू करने के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए हैं। 16 जून से प्रदेश में अशासकीय विद्यालय ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद दोबारा खुलेंगे लेकिन आजतलक तक छत्तीसगढ़ पाठ्य पुस्तक निगम अशासकीय विद्यालयों की किताबों की उपलब्धता पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है।
एसोसिएशन ने अपने पत्र में लिखा है, पिछले साल भी अशासकीय विद्यालयों को किताबें सितंबर आखिरी तक वितरित की जाती रही। अगर स्कूल खुलने से पहले अशासकीय विद्यालयों को किताबें उपलब्ध नहीं कराई गई तो जो स्कूल छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की किताबें चलाना चाहते हैं वह भी मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन का आदेश का पालन करने में असमर्थ होंगे. एसोसिएशन ने अशासकीय विद्यालयों को किताबें स्कूल खुलने से पहले तथा उनके जिले में उपलब्ध कराने की बात कही है।

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