रायपुर। सामान्य प्रशासन विभाग ने पत्र जारी कर विधायकों के लिए जरुरी बंदिशें लगा दी है। जीएडी द्वारा जारी पत्र के अनुसार अब विधायक अपनी पसंद के सरकारी बाबू को लिपिकीय कामकाज के लिए अपने साथ अटैच नहीं कर पाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग ने अपने पुराने नियमों में जरुरी संशोधन कर दिया है।
नियमों में संशोधन करने के बाद जीएडी ने प्रदेशभर के कलेक्टर्स को पत्र जारी कर, नए नियमों व निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है। जीएडी ने कलेक्टर्स को लिखे पत्र में साफ किया है,
विधायक अब अपनी पसंद के सरकारी बाबू को लिपिकीय सहायता के लिए अटैच नहीं करा सकेंगे। राज्य स्तरीय कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों को विधायकों के साथ अटैच करने पर रोक लगा दी है। जीएडी की यह बंदिशें सांसदों पर लागू नहीं होगा।
नए आदेश के अनुसार विधायक राज्य के किसी भी जिले में पदस्थ कर्मचारियों की सेवाएं लिपिकीय सहायता के लिए ले सकेंगे, लेकिन मंत्रालय, विभागाध्यक्ष कार्यालयों और अन्य राज्य स्तरीय संस्थानों में पदस्थ कर्मचारियों को उनके साथ अटैच नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने वर्ष 2019 में जारी निर्देशों के बिंदु क्रमांक 7 में संशोधन करते हुए यह बदलाव किया है। मननीयों के मामले में जीएडी ने रियायत दी है, सांसदों को पहले की तरह राज्य स्तरीय कार्यालयों के कर्मचारियों की सेवाएं लेने की सुविधा मिलती रहेगी। सरकार के इस कदम को प्रशासनिक व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने और राज्य स्तरीय कार्यालयों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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