बीजापुर। जिले के भैरमगढ़ जनपद पंचायत में पदस्थ इंजीनियर राकेश गंधर्व पर कथित कमीशनखोरी के आरोपों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां तीन ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने निर्माण कार्यों के मूल्यांकन और भुगतान के एवज में कथित रूप से राशि लेने के आरोप लगाए थे, वहीं अब दो और पंचायतों के जनप्रतिनिधियों के सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है। इसके साथ ही अब कुल पांच पंचायतों के प्रतिनिधि एक मंच पर आकर निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं जनपद पंचायत भैरमगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक ताम्बोली ने बताया कि शिकायतों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई थी। जांच रिपोर्ट का प्रतिवेदन भी मिल गया है। उन्होंने बताया कि अग्रिम कार्यवाही के लिए हमने प्रतिवेदन सीईओ जिला पंचायत के पास भेज दिया है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार ग्राम पंचायत उसकापटनम और करकेली में भी स्कूल भवन निर्माण कार्यों के दौरान कथित रूप से कमीशन की मांग की गई। उसकापटनम की सरपंच कविता पोयाम का आरोप है कि आश्रित गांव जारामरका और बीराभट्टी में प्राथमिक शाला भवन निर्माण के लिए स्वीकृत 10 लाख रुपये की राशि आहरित होने के बाद इंजीनियर ने 42 हजार रुपये नकद लिए। वहीं ग्राम पंचायत करकेली के प्रतिनिधियों का आरोप है कि पांच लाख रुपये के निर्माण कार्य में 25 हजार रुपये नकद कमीशन के रूप में लिया गया। इससे पहले ग्राम पंचायत पेठा, रानीबोदली और बेदरे के सरपंचों तथा सरपंच पतियों ने इंजीनियर पर फोनपे के माध्यम से 1.02 लाख रुपये और एक लाख रुपये नकद, कुल 2.02 लाख रुपये लेने के आरोप लगाए थे। शिकायतकर्ताओं ने यह भी दावा किया था कि बाद में बचाव के लिए उनसे कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और अपने पक्ष में दस्तावेज तैयार किए गए।
मामला अब केवल पंचायत स्तर तक सीमित नहीं रहा है। पंचायत प्रतिनिधि पूर्व वन मंत्री महेश गागड़ा से भी मिल चुके हैं और उन्होंने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश देने की बात कही है।

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