पिछले वर्ष हुए विवादों और एफआईआर के बाद मूर्तिकारों ने ठुकराए कार्टून स्टाइल के गणपति आर्डर

पिछले वर्ष हुए विवादों और एफआईआर के बाद मूर्तिकारों ने ठुकराए कार्टून स्टाइल के गणपति आर्डर

रायपुर। वैसे गणेश चतुर्थी को 54 दिन बाकी है यानी 14 सितंबर को गणेश की विराजमान होंगे और 25 अगस्त को विदा लेंगे। गणेशोत्सव की तैयारियों के साथ राजधानी के माना कैंप सहित विभिन्न मूर्तिकला केंद्रों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं आकार लेने लगी हैं। इस बार मूर्तिकारों ने एआइ आधारित या कार्टूननुमा स्वरूप वाली गणेश प्रतिमाएं बनाने से साफ इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि भगवान गणेश की प्रतिमाएं शास्त्रसम्मत और पारंपरिक स्वरूप में ही बनाई जाएंगी। यदि कोई ग्राहक अन्य विषयों पर एआइ आधारित कलाकृतियां बनवाना चाहता है तो वह तैयार हैं, लेकिन देवी-देवताओं के स्वरूप के साथ प्रयोग नहीं करेंगे।
पिछले वर्ष एआइ आधारित गणेश प्रतिमाओं को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और एफआइआर तक दर्ज हुई थी। इसके बाद इस वर्ष हिंदू संगठनों ने भी मूर्तिकारों से पारंपरिक स्वरूप बनाए रखने की अपील की है। मूर्तिकारों का मानना है कि धार्मिक आस्था और परंपरा का सम्मान करते हुए बप्पा की प्रतिमाओं का मूल स्वरूप ही सबसे उपयुक्त है। मूर्तिकारों के अनुसार तीन, पांच, सात और 10 फीट तक की गणेश प्रतिमाओं की मांग सबसे अधिक है। अभी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है। इसके बाद रंगाई-सजावट शुरू होगी। कई गणेशोत्सव समितियों और परिवारों ने पहले ही प्रतिमाओं की बुकिंग करा दी है। मूर्तिकारों ने इस बार ग्राहकों को पहले ही स्पष्ट कर रहे हैं कि भगवान गणेश की एआइ या कार्टून शैली की प्रतिमा नहीं बनाएंगे क्योंकि अनावश्यक विवादों में वे पडऩा नहीं चाहते है।

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