बिलासपुर। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, बिलासपुर CMHO ने जिले के सभी निजी नर्सिंग होम,अस्पताल,मेटरनिटी होम संचालकों को पत्र लिखकर जरुरी निर्देश जारी किया है। सीएमएचओ ने उपचार के दौरान मरीजों की होने वाली मृत्यु के बाद शव को सुरक्षित रखने और परिजनों को सौंपने के संबंध में जरुरी गाइड लाइन जारी कर दिया है। जारी दिशा निर्देशों का हर हाल में पालन करना होगा।
सीएमएचओ ने जारी पत्र में लिखा है, शिकायतों के द्वारा यह संज्ञान में आया है कि निजी अस्पतालों में उपचार के दौरान मरीज की मृत्यु के पश्चात् मरीज के शव को सुरक्षित रखने एवं उनके परिजनों को सुपुर्द करने में लेट लतीफी करने व बंधक बनाये जाने की शिकायतें आती है। जारी पत्र में जरुरी दिशा निर्देशों का पालन करने का निर्देश दिया है।
इन दिशा निर्देशों का करना होगा पालन
नान एमएलसी प्रकरण में निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मृत्यु के पश्चात् शव को शीघ्रताशीघ्र मरीज के परिजनों को सुपुर्द किया जावे।
एमएलसी प्रकरण में मृत्यु होने पर डेथ मेमों के साथ संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल सूचना देवें।
अपने स्वास्थ्य संस्थान में शव को सुरक्षित स्थान में सम्मानजनक पृथक रूप से रखने की समुचित व्यस्था बनावे।
शव रखने हेतु फ्रीजर की उपलब्धता बनावे।
परिजनों द्वारा किसी कारणवस शव प्राप्त करने में विलंब होने की स्थिति में 24 घण्टे के भीतर शव को शासकीय चिकित्सालय के मर्चुरी में पुलिस विभाग के सहयोग से सुरक्षित रखने की व्यस्था बनावें।’
इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि किसी भी परिस्थिति में शव को बंधक बनाये जाने की शिकायत ना हो। उपरोक्त दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाना सुनिश्चित करें।
आदेश की इन अफसरों को दी जानकारी
संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें नवा रायपुर (छ.ग.)।
कलेक्टर, पर्यवेक्षी प्राधिकारी, क्लीनिकल स्थापना अधिनियम बिलासपुर, (छ.ग.)।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला बिलासपुर, (छ.ग.)।
अधीक्षक, छ.ग. आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर (छ.ग.)।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक जिला चिकित्सालय बिलासपुर (छ.ग.)।
समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी सामु.स्वा. केन्द्र बिल्हा, कोटा, तखतपुर, मस्तुरी जिला बिलासपुर (छ.ग.)।

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