सूरजपुर। प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मदननगर में सोमवार को उस समय बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया, जब पंचायत की बर्खास्त सरपंच सुंदरी बाई के समर्थन में 20 निर्वाचित पंचों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। ग्रामीण इसे आदिवासी नेतृत्व के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं, जबकि प्रशासन पहले ही सरपंच को शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में पद से पृथक कर चुका है। सामूहिक इस्तीफा देने वालों में सुनीता बेक, अमृता केसरी, हीरामती बेक, रामविनोद खाखा, धनसाय खेस, नन्की आयम, छोटेलाल कुजूर, अजय मिंज, कालीचरण, राधिका करसायल, फूलकुमारी साण्डिल्य, मानती खलखो, धरमजीत मिंज, दीपा टोप्पो, बिगन गिद्ध, करीमन, गीता गिद्ध, अमिला मिंज, करमु खलखो और बिसनी किस्पोट्टा शामिल हैं।
पंचों द्वारा एसडीएम प्रतापपुर को सौंपे गए इस्तीफा पत्र में कहा गया है कि ग्राम पंचायत मदननगर की आदिवासी महिला सरपंच को असंवैधानिक और विधि-विरुद्ध तरीके से बर्खास्त किया गया है। पंचों का आरोप है कि सरपंच सुंदरी बाई क्षेत्र के आदिवासी किसानों की आवाज उठा रही थीं तथा भूमि अधिग्रहण की प्रतियों में पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किए जाने पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई थी। इसी कारण उनके विरुद्ध कार्रवाई की गई।

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