सरकारी दुकान से चावल की खुले बाजार में सप्लाई करते पकड़ा गया संचालक, SDM ने जांच के बाद किया निलंबित

सरकारी दुकान से चावल की खुले बाजार में सप्लाई करते पकड़ा गया संचालक, SDM ने जांच के बाद किया निलंबित

जांजगीर। सरकार द्वारा आबंटित उपभोक्ता भंडारों से राशन की कालाबाजारी पर खाद्य विभाग अंकुश लगा पाने में असफल साबित हो रहा है। यही वजह है कि भंडार संचालक खुले आम राशन की अफरा-तफरी करने लगे हैं। ऐसा ही वाकया जांजगीर-चांपा जिले के चांपा शहर में वार्ड क्रमांक 21 में सामने आया। यहां चावल को बाहर सप्लाई करते वक्त लोगों ने पकड़ लिया। जांच के बाद गड़बड़ी उजागर होने पर सोसाइटी को निलंबित कर दिया गया।
चांपा शहर के इस वार्ड में मां काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति द्वारा संचालित उपभोक्ता भंडार से शाम के अंधेरे में चावल की बोरियों को पिक अप वाहन में लोड किया जा रहा था। ऐसा करते लोगों ने देख लिया और मीडिया को इसकी खबर दे दी। फिर क्या था कैमरे चलने लगे। हालांकि इसके बाद भी संचालक के स्टाफ ने वाहन में चावल की बोरियों को लादना जारी रखा।
वार्ड के लोगों ने बताया कि संचालक द्वारा राशन की अफरातफरी की शिकायतें काफी बढ़ गई हैं। उसके द्वारा उपभोक्ताओं को राशन नहीं होने की बात कहकर चलता कर दिया जाता है। बाद में राशन को खुले बाजार में बेच दिया जाता है। लोगों ने इसकी शिकायत खाद्य विभाग के नोडल अफसर एसडीएम पवन कोसमा से की गई। कोसमा ने इसकी जांच का जिम्मा खाद्य अधिकारी सुशिल विश्वकर्मा को सौंपा।
जांच के दौरान इस तरह की शिकायतें मिली
खाद्य अधिकारी ने मौके पर जाकर पार्षद और अन्य स्थानीय लोगों का बयान दर्ज किया। लोगों के अनुसार, चावल शासन द्वारा गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए भेजा जाता है, लेकिन दुकानदार द्वारा नियमों की अनदेखी कर उसे बाहर बेच दिया जाता है। हितग्राहियों का आरोप है कि दुकान समय पर नहीं खुलती, जिससे लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार बिना कारण बताए राशन वितरण टाल दिया जाता है और शिकायत करने पर रूखा व्यवहार किया जाता है। वार्ड पार्षद ने भी अनियमितता पर नाराजगी जताते हुए कार्यवाही की मांग की।
एसडीएम ने सोसाइटी को किया निलंबित
चांपा शहर के वार्ड क्रमांक 21 में गरीबों के लिए आवंटित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के चावल की अवैध बिक्री का मामला जांच में साबित होने के बाद एसडीएम पवन कोसमा ने मां काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति को निलंबित करते हुए किसी दूसरी समिति को भंडार संचालन का जिम्मा सौंपने का निर्देश दिया है। सरकारी राशन की कालाबाजारी का इस तरह का मामला सिर्फ जांजगीर चांपा तक ही सिमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में इस तरह की गड़बड़ियां जारी हैं। सरकार ने गड़बड़ी को रोकने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी कर रखी है, मगर संचालकों ने इसका तोड़ भी निकाल लिया है। बहरहाल देखने वाली बात है कि प्रशासन द्वारा की जाने वाली इस तरह की दंडात्मक कार्रवाइयों का कितना असर इन भंडार संचालकों पर पड़ता है।

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