अफीम खेती मामले पर विधानसभा में हंगामा, कांग्रेस के 35 विधायक निलंबित

अफीम खेती मामले पर विधानसभा में हंगामा, कांग्रेस के 35 विधायक निलंबित

रायपुर। समोदा गांव में कथित अफीम की खेती के मामले को लेकर सोमवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा में जोरदार हंगामा हुआ। आसंदी के सामने प्रदर्शन और नारेबाजी करने पर सभापति ने कांग्रेस के सभी 35 विधायकों को निलंबित कर दिया। प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने मुद्दा उठाते हुए कहा कि रायपुर से लगभग 50 किलोमीटर दूर गांव में अफीम की खेती का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सत्तारूढ़ दल के नेता विनायक ताम्रकार का नाम सामने आया है और इसकी पुष्टि कलेक्टर द्वारा भी की गई है। महंत ने कहा कि प्रदेश की पहचान धान के कटोरे के रूप में रही है, लेकिन अब यह अफीम का कटोरा बनने की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने शासन-प्रशासन और मुख्यमंत्री के संरक्षण में अफीम की खेती होने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री का नाम लिए जाने पर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि यह खेती पिछले चार वर्षों से हो रही थी। उन्होंने कांग्रेस से जुड़े एक पूर्व मंत्री की संलिप्तता का आरोप लगाया, जिस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि आरोपी भाजपा नेता विनायक ताम्रकार को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में आरोपी का नाम तीसरे नंबर पर है, जबकि पहले नंबर पर नौकरों के नाम दर्ज हैं। बघेल ने यह भी कहा कि अफीम की खेती के लिए प्रशिक्षित मजदूर लाए जा रहे हैं और प्रदेश के फार्महाउसों की जांच कराई जानी चाहिए। वहीं कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने मामले में राजस्व विभाग की भूमिका की जांच की मांग की, जबकि पूर्व मंत्री उमेश पटेल सहित अन्य सदस्यों ने इस पर विस्तृत चर्चा कराने की मांग की। जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुखबिर की सूचना पर पुलिस, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि खेत से 6,224 किलो अफीम के पौधे बरामद किए गए हैं। मामले में आरोपी विश्नोई और विनायक ताम्रकार को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीम जोधपुर समेत अन्य स्थानों पर भेजी गई है। सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस विधायक काम रोको प्रस्ताव के तहत तत्काल चर्चा की मांग करते हुए आसंदी के सामने पहुंच गए और नारेबाजी करने लगे। इसके बाद सभापति ने नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत समेत कांग्रेस के 35 विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया।

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