बीजापुर। बीजापुर जिले में बहुचर्चित विभाग प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) इन दिनों भ्रष्टाचार करने के नए-नए आयाम की कहानी लिख रहा है।ईई और ठेकेदारों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौरा चल रहा है। विभाग के कार्यपालन अभियंता (ईई) नवीन तोंडे की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच एक नया मामला सामने आया है,जिसमें 12 सड़क निर्माण कार्यों को ऑनलाइन पोर्टल में पूर्ण (Completed) दर्ज कर दिया गया,जबकि संबंधित ठेकेदारों का भुगतान अभी तक लंबित बताया जा रहा है।
PMGSY पोर्टल में इंद्राज जानकारी के अनुसार 27 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 के बीच मात्र पांच दिनों में 12 सड़कों के कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) जारी कर उन्हें PMGSY के ऑनलाइन पोर्टल में पूर्ण दर्शाया गया। आरोप है कि इन कार्यों को विभागीय प्रगति बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के उद्देश्य से जल्दबाजी में पूर्ण दर्ज किया गया,जबकि कई कार्यों की जमीनी स्थिति को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में एक पेटी ठेकेदार ने ईई नवीन तोंडे पर मानसिक एवं आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए आत्महत्या का प्रयास किया था।ठेकेदार हरबीर सिंह बदेशा ने मीडिया को दिए बयान में आरोप लगाया था कि उनसे 5 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई थी तथा कमीशन नहीं देने पर उनके कार्यों का भुगतान रोक दिया गया और दो सड़कों के निरस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
अब नया विवाद इस बात को लेकर है कि यदि संबंधित सड़क निर्माण कार्य वास्तव में पूर्ण हो चुके हैं और विभाग ने उन्हें ऑनलाइन पोर्टल में पूर्ण दर्ज कर दिया है,तो फिर ठेकेदारों को शेष भुगतान क्यों नहीं किया गया? इस सवाल ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार जिन 12 सड़कों को मार्च 2026 के अंतिम सप्ताह में पूर्ण दर्शाया गया,उनमें कई कार्यों में स्वीकृत राशि की तुलना में काफी कम भुगतान किया गया है।कुछ मामलों में तो भुगतान नाममात्र का बताया जा रहा है।ऐसे में ठेकेदारों का कहना है कि कार्य पूर्ण घोषित होने के बावजूद भुगतान लंबित रहने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

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