प्रतिबंध के बीच मिनगाछल नदी से अवैध रेत उत्खनन कर रहे 6 वाहनों जब्त

प्रतिबंध के बीच मिनगाछल नदी से अवैध रेत उत्खनन कर रहे 6 वाहनों जब्त

बीजापुर। जिले के नैमेड क्षेत्र में मिनगाछल नदी में बीती रात 1:30 बजे अंधेरे में भारी मशीनों की मदद से अवैध रेत उत्खनन की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक पोकलेन मशीन, एक जेसीबी सहित 6 वाहनों को जब्त किया है, मामले की जांच जारी है। प्रदेश में 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद बारिश के मौसम में भारी मशीनों से नदी से रेत निकालने का काम जारी था। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से अवैध उत्खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में प्रतिबंध के दौरान इस तरह की गतिविधियों ने खनिज विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मिनगाछल नदी में चैन माउंटिंग मशीन, पोकलेन और जेसीबी की मदद से बड़े पैमाने पर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। रेत माफिया रातभर नदी से रेत निकालकर उसे वाहनों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर डंप कर रहे थे। मामले की सूचना मिलते ही कांग्रेस के बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी के साथ पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। इस दौरान एक पोकलेन मशीन, एक जेसीबी और चार वाहनों को जब्त किया गया। अधिकारियों ने मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जब्त वाहनों और मशीनों के मालिकों की जानकारी जुटाई जा रही है।
विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदी-नालों से रेत उत्खनन प्रतिबंधित रहता है। इसके बावजूद रात के अंधेरे में खुलेआम मशीनें चलना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर हो रहे इस अवैध कारोबार की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
बीजापुर और आस-पास के इलाकों में अवैध रेत उत्खनन को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। बारिश के मौसम में खनन पर रोक के बावजूद मशीनों के जरिए रेत निकालने की घटनाएं सामने आने से प्रशासन की कार्रवाई और निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस और खनिज विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय नदी में मशीनें उतरना आम बात हो गई है, लेकिन इस बार जनप्रतिनिधि के मौके पर पहुंचने से मामला उजागर हो गया।

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