कांकेर। जिले के कोयलीबेड़ा विकासखंड के ग्राम कांदाड़ी में कुछ शरारती तत्वों द्वारा बरसात के मौसम में जहां ग्रामीणों के लिए नावें जीवनरक्षक साधन साबित होती हैं, इन्हीं नावों को नुकसान पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अज्ञात लोगों ने कई नावों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। जबकि कुछ नावों को सितरम नदी के लगभग 350 फीट गहरे चमत्कारी कुंड में डुबो दिया गया है। इस घटना ने न केवल ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि आने वाले मानसून में आवागमन और आपातकालीन सेवाओं को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों की पहचान करने, उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा नावों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो मानसून के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
कंदाड़ी ग्राम के ग्रामीण प्रभु जाड़े, सुंदर लाल और मंगल सिंह ने गुरूवार काे बताया कि गांव में नावें केवल परिवहन का साधन नहीं हैं। बल्कि लोगों की जरूरत और मजबूरी दोनों हैं। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार नावों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों को आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अजय पद्दा और बैजू राम पद्दा ने बताया कि एक 18 फीट लंबी नाव तैयार करने में कई महीनों की मेहनत, कुशल कारीगरी और काफी खर्च लगता है। इसके बावजूद यदि नावों को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया जाए तो यह पूरे गांव के लिए बड़ी समस्या बन जाती है। उन्होंने कहा कि नावों के क्षतिग्रस्त होने से बरसात के दौरान ग्रामीणों की सुरक्षा और आवागमन दोनों प्रभावित हो सकते हैं।

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