एनआईटी रायपुर में न्यूरोरिहैबिलिटेशन और असिस्टिव रोबोटिक्स पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

एनआईटी रायपुर में न्यूरोरिहैबिलिटेशन और असिस्टिव रोबोटिक्स पर अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन

रायपुर।  स्वास्थ्य देखभाल प्रौद्योगिकियों और स्वदेशी बायोमेडिकल नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT), रायपुर के बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग ने इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स – इंजीनियरिंग इन मेडिसिन एंड बायोलॉजी सोसाइटी (IEEE EMBS) के प्रतिष्ठित व्याख्यान कार्यक्रम (डिस्टिंग्विश्ड लेक्चरर्स प्रोग्राम) का आयोजन किया। ‘न्यूरोरिहैबिलिटेशन और न्यूरोसाइंस’ (तंत्रिका-पुनर्वास और तंत्रिका-विज्ञान) के विषय पर केंद्रित इस उच्च स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन आज संस्थान परिसर के हीरा प्रेक्षागृह (हीरा ऑडिटोरियम) में किया गया।
इस एक दिवसीय सम्मेलन का उदघाटन एनआईटी रायपुर के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर समर वाजपेयी ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुदीप पॉल के पर्यवेक्षण में आयोजित इस कार्यक्रम ने ज्ञान साझा करने का एक जीवंत मंच तैयार किया। इसमें न्यूरोसाइंस, रिहैबिलिटेशन रोबोटिक्स और डिजिटल हेल्थकेयर के अग्रणी विकास पर विचार-विमर्श करने के लिए छात्रों, शोधकर्ताओं, संकाय सदस्यों, स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों और चिकित्सा उपकरण उद्योग के विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।
सभा को संबोधित करते हुए वैश्विक विशेषज्ञों ने इंजीनियरिंग और न्यूरोलॉजिकल मेडिसिन के क्रांतिकारी संगम पर प्रकाश डाला। यूनिवर्सिटी ऑफ मोरातुवा, श्रीलंका के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग की बायोनिक्स लेबोरेटरी से आए प्रोफेसर रुवान गोपुरा ने शारीरिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना: पावर-असिस्ट रोबोटिक सिस्टम की भूमिका विषय पर अपना आधिकारिक व्याख्यान दिया। प्रोफेसर गोपुरा ने रोबोटिक एक्सोस्केलेटन और पावर-असिस्टेड मोबिलिटी में नवीनतम प्रगति के बारे में विस्तार से बताया और इस बात पर जोर दिया कि कैसे स्मार्ट सहायक तकनीकें शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों की आत्मनिर्भरता को बहाल कर रही हैं।
मरीजों के ठीक होने में आने वाली नैदानिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए, इटैलियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) – नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंश्योरेंस अगेंस्ट एक्सीडेंट्स एट वर्क (INAIL) रिहैब टेक्नोलॉजीज लैब, इटली की प्रोफेसर मरियाना सेम्प्रीनी ने न्यूरोरिहैबिलिटेशन में विश्वसनीय मूल्यांकन के लिए चुनौतियां और भविष्य की दिशाएं विषय पर एक प्रभावशाली व्याख्यान दिया। प्रोफेसर सेम्प्रीनी ने पुनर्वास (रिहैबिलिटेशन) के क्षेत्र में निष्पक्ष और साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन नियमों की अत्यधिक आवश्यकता पर बल दिया, जिससे वैश्विक न्यूरो-रिकवरी प्रथाओं में डेटा की विश्वसनीयता संबंधी कमियों को दूर किया जा सके।
इस प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय व्याख्यान कार्यक्रम की सफल मेजबानी अंतर-विषयक अनुसंधान (इंटरडिसिप्लिनरी रिसर्च) और वैश्विक शैक्षणिक सहयोग में एनआईटी रायपुर की बढ़ती साख को दर्शाती है। इंजीनियरिंग प्रयोगशालाओं और व्यावहारिक चिकित्सा के बीच की दूरी को पाटकर, इस सम्मेलन ने सहायक रोबोटिक्स और न्यूरो-इंजीनियरिंग में सहयोगात्मक अनुसंधान के नए रास्ते खोले हैं, जो स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है।

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