सारंगढ़-बिलाईगढ़ में खनिज माफियाओं पर बड़ा प्रहार, कलेक्टर के निर्देश पर 8 क्रेशर और 1 माइंस सील, 10 गाड़ियां जब्त

सारंगढ़-बिलाईगढ़ में खनिज माफियाओं पर बड़ा प्रहार, कलेक्टर के निर्देश पर 8 क्रेशर और 1 माइंस सील, 10 गाड़ियां जब्त

सारंगढ़-बिलाईगढ़। जिले में खनिज के अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के कड़े रुख के बाद, खनिज विभाग की टीम ने पिछले 5 दिनों तक जिले के संदिग्ध इलाकों में सघन छापामार कार्रवाई की। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
​नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले 8 स्वीकृत क्रेशर और भंडारण सील
सारंगढ़, सरिया और बरमकेला तहसील में निरीक्षण के दौरान भारी अनियमितता पाए जाने पर ‘छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन एवं भंडारण) नियम 2009’ के तहत कुल 08 स्वीकृत भंडारण व क्रेशर परिसरों को जब्त कर सील कर दिया गया है। इन पर नियमों के उल्लंघन का गंभीर आरोप है। जिसमे ​मेसर्स सिंघल क्रशर उद्योग (प्रो. गोपाल प्रसाद अग्रवाल),​मेसर्स गणपति ग्रामोद्योग (प्रो. रमेश छपारिया),​मेसर्स जय मां शारदा मिनरल्स (प्रो. हिमांशु अग्रवाल),​मेसर्स मंगल क्रशर उद्योग (प्रो. दीपक अग्रवाल),​मेसर्स श्री सालासर इंटरप्राइजेस (प्रो. श्रीमती प्राची बेरीवाल),​मेसर्स हरिओम मिनरल्स (प्रो. शत्रुघन लाल अग्रवाल),​मेसर्स मां अम्बे स्टोन क्रेशर (प्रो. श्रीमती निरजा अग्रवाल),​मेसर्स श्री श्याम मिनरल्स (प्रो. श्रीमती पूनम देवी अग्रवाल) शामिल है।
​क्रेशरों के साथ-साथ गुड़ेली स्थित मेसर्स बाबा मिनरल्स (प्रो. राजेश अग्रवाल) के स्वीकृत उत्खनिपट्टा (माइंस) पर भी गाज गिरी है। यहाँ ‘छ.ग. गौण खनिज नियम 2015’ और पर्यावरण सम्मति (Environmental Clearance) की शर्तों का खुला उल्लंघन पाया गया, जिसके बाद इस खदान को तत्काल प्रभाव से जब्त कर सील कर दिया गया है। सभी मामलों में नियमानुसार आगे की वैधानिक प्रक्रिया जारी है।
​मंगलवार को सरिया तहसील में खनिज अमले ने सड़क पर उतरकर अवैध परिवहन के खिलाफ मोर्चा संभाला। इस दौरान गौण खनिज डोलोमाइट का अवैध परिवहन करते हुए 2 हाइवा वाहन (CG-13-AX-0311 एवं CG-13-BK-5842) और साधारण रेत का अवैध परिवहन करते हुए 8 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया। जब्त किए गए सभी 10 वाहनों को ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015’ एवं ‘खान एवं खनिज विकास अधिनियम 1957 की धारा 21’ के तहत कार्रवाई करते हुए सुरक्षा के लिहाज से सरिया थाने की कस्टडी में सौंप दिया गया है।
​जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि खनिज संसाधनों की चोरी और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर के निर्देशानुसार, जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ यह धरपकड़ अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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