अवैध उर्वरक भंडारण पर कार्रवाई, रघुनाथपुर में अघोषित गोदाम से 242 बोरी उर्वरक जब्त

अवैध उर्वरक भंडारण पर कार्रवाई, रघुनाथपुर में अघोषित गोदाम से 242 बोरी उर्वरक जब्त

अम्बिकापुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देशन जिले में किसानों को समय पर एवं उचित मूल्य पर कृषि आदानों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा लगातार सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है।
कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में कृषि विभाग द्वारा विकासखंड लुण्ड्रा के ग्राम रघुनाथपुर स्थित मेसर्स शुभम फर्टिलाइजर्स के अघोषित परिसर का कृषि विभाग की टीम ने उप संचालक कृषि पीतांबर सिंह दीवान के नेतृत्व में औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार गुप्ता द्वारा विभाग को बिना पूर्व सूचना दिए अघोषित परिसर में बड़ी मात्रा में उर्वरकों का भंडारण किया गया था, जो उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों का उल्लंघन है। मौके पर जांच के दौरान टीम ने 148 बोरी यूरिया तथा 94 बोरी डी.ए.पी. (DAP) सहित कुल 242 बोरी उर्वरक का अवैध भंडारण पाया। इस पर कृषि विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संपूर्ण उर्वरक को जब्त कर नियमानुसार सुरक्षित अभिरक्षा में लिया तथा पंचनामा तैयार कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
उप संचालक कृषि पीतांबर सिंह दीवान ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार खरीफ सीजन के दौरान किसानों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी विक्रेता द्वारा उर्वरकों का अवैध भंडारण, जमाखोरी, कालाबाजारी अथवा नियमों का उल्लंघन किया जाना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 एवं अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जिले के सभी उर्वरक विक्रय प्रतिष्ठानों, गोदामों एवं भंडारण स्थलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। सभी उर्वरक विक्रेताओं को विभाग द्वारा अनुमोदित एवं घोषित परिसरों में ही उर्वरकों का भंडारण करने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं किसानों से भी अपील की गई है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता, अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी अथवा अवैध भंडारण की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को उपलब्ध कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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