नारायणपुर। जिले में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान जंगल से बरामद 14 लाख 89 हजार रुपए की नकदी को लेकर अब गृह विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। यदि किसी व्यक्ति का इस जब्त राशि पर स्वामित्व का दावा है तो वह 9 जुलाई 2026 तक अपना दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त किसी भी दावा-आपत्ति पर विचार नहीं किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक पहली बार सरकार नक्सलियों द्वारा की गई अवैध वसूली की जब्त राशि को वास्तविक हकदार को लौटाने की नियत से यह प्रक्रिया प्रारम्भ की हैं।
मामले में थाना सोनपुर में गैरकानूनी गतिविधियां (निवारण) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 17 और 40 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। जब्त संपत्ति के प्रतिधारण की अनुमति संबंधी प्रकरण वर्तमान में छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग के प्रमुख सचिव के समक्ष विचाराधीन है। प्रशासन ने बताया कि जब्त नकदी के संबंध में किसी भी प्रकार का स्वामित्व दावा या आपत्ति रखने वाले व्यक्ति 9 जुलाई 2026 को अपराह्न 3 बजे तक प्रमुख सचिव, गृह विभाग, मंत्रालय, महानदी भवन, नया रायपुर अटल नगर के समक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार नक्सल अभियान में बरामद इस तरह की संपत्ति के मामले में पहली बार सार्वजनिक रूप से दावा-आपत्ति आमंत्रित की गई है। इससे जब्त संपत्ति के संबंध में पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित होगी और विधिक प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि पुलिस के अनुसार 11 मई 2026 को मिली खुफिया सूचना के आधार पर नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया। बीडीएस टीम की सहायता से जंगल के एक चिन्हित स्थान की खुदाई की गई, जहां जमीन के भीतर दबा स्टील का डिब्बा बरामद हुआ। डिब्बे से 500 रुपये के नोटों के 29 बंडल, एक अतिरिक्त बंडल तथा नक्सली साहित्य मिला। कुल 14 लाख 89 हजार रुपये की नकदी जब्त की गई। पुलिस का दावा है कि यह रकम नक्सलियों द्वारा अवैध वसूली और लेवी से जुटाई गई थी।

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