उर्वरक वितरण में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई

उर्वरक वितरण में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई

बेमेतरा। खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, तस्करी, डायवर्सन, जमाखोरी, अधिक मूल्य पर बिक्री, अमानक एवं नकली उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर के निर्देशानुसार जिले में सतत निरीक्षण एवं सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में उर्वरक निरीक्षक नवागढ़ द्वारा 30 जून 2026 को विकासखंड नवागढ़ के ग्राम रनबोड़ स्थित मेसर्स महालक्ष्मी कृषि केन्द्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 (FCO-1985) के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया।
निरीक्षण में कैश मेमो में कृषकों के हस्ताक्षर नहीं होना, भंडारण एवं विक्रय पंजी का अपूर्ण संधारण, निर्धारित प्रारूप में मासिक जानकारी प्रस्तुत नहीं करना, भौतिक स्टॉक स्थल पर उर्वरकों के स्टॉक एवं विक्रय दर का प्रदर्शन नहीं करना तथा बड़ी संख्या में अन्य जिलों के कृषकों को उर्वरक विक्रय किए जाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके अतिरिक्त पीओएस (POS) स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में भी अंतर पाया गया।
उक्त अनियमितताओं के संबंध में संबंधित प्रतिष्ठान को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। प्राप्त स्पष्टीकरण का परीक्षण करने पर वह संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके आधार पर उर्वरक निरीक्षक  राकेश कुमार चतुर्वेदी, सह प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, नवागढ़ द्वारा संबंधित उर्वरक प्राधिकार पत्र के निलंबन की अनुशंसा की गई।
अनुशंसा के परीक्षण उपरांत प्राधिकृत अधिकारी सह उप संचालक कृषि, जिला बेमेतरा  मोरध्वज डड़सेना ने उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 31 (a) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मेसर्स महालक्ष्मी कृषि केन्द्र, ग्राम रनबोड़, विकासखंड नवागढ़ का उर्वरक प्राधिकार पत्र क्रमांक F2911/2017 को 15 दिवस के लिए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन अवधि के दौरान संबंधित प्रतिष्ठान द्वारा उर्वरकों के भंडारण, विक्रय अथवा उर्वरक व्यवसाय से संबंधित किसी भी प्रकार की गतिविधि संचालित नहीं की जा सकेगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा, उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिले में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण एवं जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उर्वरक वितरण में अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *