बिना लाइसेंस खाद बेचने पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 141 बोरी उर्वरक जब्त

बिना लाइसेंस खाद बेचने पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 141 बोरी उर्वरक जब्त

जशपुरनगर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक निर्धारित मूल्य पर उपलब्ध कराने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कलेक्टर रोहित व्यास के निर्देशानुसार उप संचालक कृषि के नेतृत्व में कृषि विभाग द्वारा जिले में लगातार सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। 
इसी अभियान के तहत मंगलवार को विकासखंड बगीचा के ग्राम चम्पा में कृषि विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 141 बोरी उर्वरक जब्त किया। उप संचालक कृषि एमआर भगत ने बताया कि वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी लालसाय केरकेट्टा, कृषि विकास अधिकारी एवं उर्वरक निरीक्षक क्रुसलीना मिंज तथा संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की संयुक्त टीम ने ग्राम चम्पा में नईम अख्तर के निवास पर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान 25 बोरी डीएपी, 10 बोरी एसएसपी तथा 106 बोरी यूरिया सहित कुल 141 बोरी उर्वरक बिना किसी वैध बिल अथवा दस्तावेज के भंडारित पाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा बिना वैध उर्वरक लाइसेंस के खाद का विक्रय किया जा रहा था। वैध दस्तावेज एवं लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किए जाने पर कृषि विभाग ने समस्त उर्वरक को जब्त कर सुपुर्दनामा तैयार करते हुए उसके विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया।
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने के उपरांत संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार पुलिस में प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर व्यास के निर्देश पर जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी, नकली उर्वरकों की बिक्री तथा निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री रोकने के लिए जिला स्तरीय टीम सभी विकास खंडों में लगातार निरीक्षण कर रही है। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि उर्वरक नियंत्रण आदेश एवं संबंधित अधिनियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यापारी अथवा व्यक्ति के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कृषि विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही खाद-बीज खरीदें, खरीदारी के समय बिल अवश्य प्राप्त करें तथा कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य पर उर्वरक बिक्री की जानकारी तत्काल कृषि विभाग को दें, ताकि दोषियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।

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